लाइव टीवी

सेना के बाद Navy में भी महिलाओं को मिलेगा स्थायी कमीशन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नहीं बना सकते 101 बहाने

News18Hindi
Updated: March 17, 2020, 12:03 PM IST
सेना के बाद Navy में भी महिलाओं को मिलेगा स्थायी कमीशन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नहीं बना सकते 101 बहाने
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता नहीं देने के 101 बहाने नहीं हो सकते.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने कहा कि देश की सेवा करने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने से इनकार करने पर न्याय को नुकसान होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2020, 12:03 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय नौसेना (Indian Navy) में महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन (Permanent Commission) का रास्ता खोल दिया है. अदालत ने नौसेना में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन को मंजूरी देते हुए कहा कि पुरुष और महिला अधिकारियों के साथ सामान व्यवहार होना चाहिए. कोर्ट के इस फैसले के बाद भारतीय सेना के बाद अब नौसेना में भी महिलाओं को कमीशन दिया जा सकेगा.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने कहा कि देश की सेवा करने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने से इनकार करने पर न्याय को नुकसान होगा. पीठ ने कहा कि केन्द्र द्वारा वैधानिक अवरोध हटाकर महिलाओं की भर्ती की अनुमति देने के बाद नौसेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान करने में लैंगिक भेदभाव नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा, 'जब एक बार महिला अधिकारियों की भर्ती के लिए वैधानिक अवरोध हटा दिया गया तो स्थायी कमीशन देने में पुरुष और महिलाओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए.'

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की यह दलील खारिज कर दी कि रूसी जहाजों में उनके लिए शौचालय ना होने की वजह से नौसेना में महिला अधिकारियों को समुद्री ड्यूटी नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने समान अवसर मुहैया कराने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता नहीं देने के 101 बहाने नहीं हो सकते.



सरकार ने पहले ही कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए तैयार है. इससे पहले 11 मार्च को केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी थी कि सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के लिए वह तैयार है. साथ ही सरकार ने कहा कि वह इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरा पालन करेगी. रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने टीएमसी सांसद सौगत रॉय के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी थी.



सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने अपने आदेश में कहा था कि सेना में महिलाओं को स्थायी तैनाती मिलनी चाहिए. साथ ही महिलाओं को पुरुष अधिकारियों की ही तरह सैन्य कमान में भी तैनात किया जाना चाहिए.


बता दें कि 1950 में बने आर्मी एक्ट के तहत महिलाओं को स्थायी कमीशन के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया था. इसके 42 साल बाद यानी 1992 में सरकार ने पांच ब्रांच में महिला अधिकारी बनाने की अधिसूचना जारी की. 17 फरवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिया जाए. अब नौसेना के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट को फैसला आना है.

क्या होता है स्थायी कमीशन?
स्थायी कमीशन का मतलब है कि कोई अधिकारी रिटायरमेंट की उम्र तक सेना में काम कर सकता है और इसके बाद वह पेंशन का भी हकदार होगा. अभी तक सिर्फ पुरुषों को ही स्थायी कमीशन मिलते हैं. अभी तक महिलाएं सिर्फ 10 साल ही नौकरी कर पाती हैं.

शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत अधिकारियों को 14 साल में रिटायर कर दिया जाता है और उन्हें पेंशन भी नहीं मिलती है.

ये भी पढ़ें:- योगी सरकार के उपद्रवियों से रिकवरी के लिए लाए गए अध्यादेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 17, 2020, 8:28 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading