सूरत कोचिंग अग्निकांड: 'जिंदा बचने के लिए मैंने चांस लिया और तीसरी मंजिल से कूद गया'

रुशित वेकारिया ने बताया कि, 'मैंने सोचा कि अगर मैं यहां रहूंगा तो धुएं से मर जाऊंगा, इसलिए मैंने चांस लिया और दोस्‍तों को छोड़कर तीसरी मंजिल से कूद गया. इसके बाद मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था. जब मैं उठा तो खुद को हॉस्पिटल में पाया'.

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Updated: May 25, 2019, 1:48 PM IST
सूरत कोचिंग अग्निकांड: 'जिंदा बचने के लिए मैंने चांस लिया और तीसरी मंजिल से कूद गया'
इस आग्निकांड में कम से कम 20 छात्र-छात्राओं की मौत हो गई. (फाइल फोटो)
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Updated: May 25, 2019, 1:48 PM IST
सूरत के सरथना इलाके के एक कोचिंग सेंटर में शुक्रवार शाम लगी भीषण आग में 16 लड़कियों सहित अब तक 20 विद्यार्थियों की मौत हो गई. कोचिंग एक व्यावसायिक बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर चलाई जा रही थी. जिंदा जलकर मरने से बचने के लिए लगभग दर्जन भर विद्यार्थी तीसरी और चौथी मंजिल से कूद गए. कूदने वाले लोगों में से तीन की मौत हो गई. इस हादसे से बचने के लिए एक छात्र नीचे कूद गया और वह बच गया. इस छात्र का नाम रुशित वेकारिया है. रुशित ने बताया कि जिंदा बचने के लिए उसके पास तीसरी मंजिल से कूदने के अलावा और कोई चारा नहीं था.

रुशित वेकारिया ने बताया, 'कोचिंग सेंटर के एसी से निकल रही आग से हम सभी स्टूडेंट्स डर गए थे. कोचिंग में पढ़ा रहे टीचर ने कहा कि किसी ने बाहर आग जलाई होगी यह धुंआ उसी से आ रहा होगा. जब धुंआ लगातार बढ़ता गया तो सभी विद्यार्थी अंतिम कमरे में सुरक्षा के लिए चले गए. जब सांस लेने में दिक्‍कत होने लगी तो हमने खिड़कियों को खोल दिया.'

फायर ब्रिगेड कर्मियों के कहने पर नीचे कूदा
वेकारिया ने बताया कि फायर ब्रिगेड के लोग नीचे मौजूद थे और उन्‍होंने कूदने के लिए कहा, लेकिन हमें पकड़ने के लिए उनके पास कोई सुरक्षा जाल नहीं था. मैंने सोचा कि अगर मैं यहां रहूंगा तो धुएं से मर जाऊंगा, इसलिए मैंने चांस लिया और दोस्‍तों को छोड़कर तीसरी मंजिल से कूद गया. इसके बाद मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था. जब मैं उठा तो खुद को हॉस्पिटल में पाया. मैं बच गया हूं, यह सोचकर खुश हो गया.' वेकारिया को हाथों और सिर में चोट आई है. उन्‍हें आठ टांकें लगाए गए हैं.

हादसे से बचे छात्र ने कहा, 'मैं आर्किटेक्‍चर कॉलेज में दाखिला लेना चाहता हूं और इसी के लिए तैयारी कर रहा था. हाई स्‍कूल में 85 फीसदी नंबर आने के बाद मेरे परिवार ने मुझे मेरे पसंदीदा काम को करने की अनुमति दे दी. मेरे पिता का हीरों का व्यवसाय है और मेरी मां हाउस वाइफ हैं. मेरे माता-पिता मेरी लगन के कारण बहुत आशान्वित थे. मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि यह आग कुछ ही मिनटों में मेरे जीवन को बदलकर रख देगी. मैं नहीं जानता कि मेरे दोस्त कहां हैं. वे जिंदा भी बचे हैं या नहीं.'

घड़ी से हुई एक छात्रा की पहचान
इस भीषण अग्निकांड में विद्यार्थियों के शव इतनी बुरी तरह से जल गए थे कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी. पहचान करने के दौरान एक महिला ने कहा, 'आ आमरी दिकरी छे (यह मेरी बेटी है).' महिला ने अपनी बेटी जाह्नवी की पहचान उसकी घड़ी से की. जाह्नवी का शव काफी जल गया था जिससे उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी. जाह्नवी के अंकल भारत ने बताया कि जाह्नवी को हाल ही में उसके पिता ने नई घड़ी गिफ्ट की थी. जाह्नवी आग में घिर गई थी और खुद को बचा नहीं सकी.
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नहीं था बिल्डिंग से निकलने का कोई दूसरा रास्ता
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिल्डिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम तक नहीं मौजूद था और आग लगने की स्थिति में बिल्डिंग से निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था. इसी कारण जो जहां था, वहीं फंसा रह गया और जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदना ही आखिरी रास्ता दिखा. इस भीषण हादसे के बाद जागी गुजरात सरकार ने अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वड़ोदरा के सभी कोचिंग सेंटर्स को फायर सेफ्टी ऑडिट पूरा होने तक बंद रखने का आदेश दिया है. अहमदाबाद पुलिस ने जिले में चल रहीं सभी ट्यूशन क्लासों, डांस क्लासों और समर कैंप्स को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है.

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First published: May 25, 2019, 9:44 AM IST
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