बुजुर्ग मरीज के लिए हटा दिया था अपना ऑक्सीजन सपोर्ट, अब 90 दिन बाद मिलेगी छुट्टी

सूरत के एक अस्पताल में खुद गंभीर स्थिति में होने के बावजूद एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिये उन्होंने अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था (सांकेतिक तस्वीर)
सूरत के एक अस्पताल में खुद गंभीर स्थिति में होने के बावजूद एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिये उन्होंने अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus: एमजीएम हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट के सह-निदेशक सुरेश राव ने कहा, “मेहता को विमान से लाया गया था…उनकी हालत ऐसी थी कि वह अपनी उंगली भी नहीं हिला सकते थे.”

  • Share this:
चेन्नई. जान की परवाह न करते हुए अपना ऑक्सीजन सपोर्ट (Oxygen Support) एक बुजुर्ग मरीज को देने वाले सूरत (Surat) निवासी डॉक्टर संकेत मेहता अब “ठीक” हैं और उन्होंने यहां से वापस अपने घर जाने के लिए एक नवंबर का हवाई टिकट भी बुक करा लिया है. मेहता को कोविड-19 महामारी (Covid-19) से उबरने के लिये 90 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित पाए जाने वाले मेहता उस समय सुर्खियों में आए थे जब सूरत के एक अस्पताल में खुद गंभीर स्थिति में होने के बावजूद एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिये उन्होंने अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था. उस अस्पताल में 45 दिनों तक उनका इलाज चला था.

उन्हें स्वास्थ्य बिगड़ने पर 13 सितंबर को विमान से चेन्नई (Chennai) लाया गया था लेकिन अब उनके स्वास्थ्य में सुधार है और वह सामान्य रूप से सांस ले रहे हैं. एमसीएम हेल्थकेयर में उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. एमजीएम हेल्थकेयर के नैदानिक निदेशक और परामर्शदाता अपार जिंदल ने कहा कि जब उन्हें लाया गया था तो कोविड-19 की वजह से उनके फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंच चुका था. उन्होंने कहा, “यहां उनका इलाज शुरू होने के बाद उनके फेफड़ों में काफी सुधार नजर आया और अब वह सामान्य रूप से सांस ले रहे हैं. हमें डॉ. मेहता जैसे एक ‘नायक’ और कोरोना योद्धा को फिर स्वस्थ करने पर प्रसन्नता है.”

ये भी पढ़ें- ICMR प्रमुख ने कहा- कोविड से होने वाली मौतों में पॉल्यूशन का भी योगदान



इसलिए हटाया था ऑक्सीजन सपोर्ट
संवाददाताओं ने जब पूछा कि वह कैसे हैं, तो संवाददाता सम्मेलन के दौरान अपने बेड पर बैठे मेहता ने ‘थम्स अप’ का निशाना दिखाते हुए हल्की आवाज में कहा, “मै ठीक हूं.”

यह पूछे जाने पर कि बुजुर्ग मरीज के वास्ते अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटाने के लिये उन्हें किस चीज ने प्रेरित किया, उन्होंने कहा, “यह (मरीज की जान बचाना) एक डॉक्टर का कर्तव्य है.”

उंगली हिलाने की भी नहीं थी हालत
एमजीएम हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट के सह-निदेशक सुरेश राव ने कहा, “मेहता को विमान से लाया गया था…उनकी हालत ऐसी थी कि वह अपनी उंगली भी नहीं हिला सकते थे.” उन्होंने कहा कि उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें एक्मो सपोर्ट से हटा दिया गया.

ये भी पढ़ें- FM सीतामरण ने कहा- इकोनॉमी में सुधार के संकेत, लेकिन निगेटिव रहेगी GDP ग्रोथ

उन्होंने कहा, “वह अपना सामान्य जीवन फिर से शुरू करने के बेहद इच्छुक हैं और वापस जाना चाहते हैं. उन्होंने एक नवंबर को अपना विमान का टिकट (सूरत वापस जाने का) भी बुक करा लिया है.”
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज