सूरत अग्निकांड: इमारत में अवैध थी तीसरी मंजिल, जो बन गई मौत का जाल

सूरत अग्निकांड जिस भवन में हुआ है उसकी तीसरी मंजिल अवैध थी क्योंकि यह एक डुप्लेक्स बिल्डिंग थी. इस भवन के ऊपर के मंजिलों पर जाने के लिए केवल लकड़ी की एक सीढ़ी थी, जो आग लगते ही जल गई.

News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 1:56 PM IST
सूरत अग्निकांड: इमारत में अवैध थी तीसरी मंजिल, जो बन गई मौत का जाल
सूरत की इस इमारत में आग लगने से 20 छात्र-छात्राओं की मौत हो गई.
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Updated: May 25, 2019, 1:56 PM IST
विजय सिंह परमार
सूरत की जिस इमारत में शुक्रवार को भीषण आग लगी वह एक डुप्लेक्स बिल्डिंग थी और बिल्डर ने अवैध रूप से इसकी तीसरी मंजिल बनाई थी. इस कॉम्प्लेक्स के ऊपर के मंजिलों पर जाने के लिए लकड़ी की केवल एक सीढ़ी थी, जो आग लगते ही जल गई. घटना के बाद यह पता चला है कि सूरत नगर निगम (एसएमसी) के पास स्थित तक्षशिला आर्केड में अवैध निर्माण किया गया था. गैरकानूनी रूप से छत पर खड़ा विशाल गुंबद वराछा रोड पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने आसानी से इसे नजरंदाज कर दिया.

सूत्रों के अनुसार, तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में फर्स्ट फ्लोर, सेकेंड फ्लोर और एक टॉप फ्लोर बनाकर उसे एक गुंबद से कवर कर दिया गया था, जबकि यह इमारत मात्र एक डूप्लेक्स थी. इमारत के पहले तीन तलों पर दुकानें और ऑफिस थी और टॉप फ्लोर पर एक जिम के साथ-साथ समर क्लासेज चलाई जा रही थीं. समर क्लासेज के तहत फैशन डिजाइनिंग, परसनालिटी डेवलपमेंट कोर्स और अन्य कोर्स चलाए जा रहे थे. इनमें से 10वीं और 12वीं कक्षा की कोचिंग भार्गव पटेल (भूतानी) चला रहा था. इसके टॉप फ्लोर पर राजीव पटेल वैदिक-मैथ्स की कोचिंग चला रहा था.

गुजरात के सूरत शहर में 4 मंजिला व्यावसायिक परिसर में हुए भीषण अग्निकांड के एक दिन बाद सूरत पुलिस ने इस मामले में कोचिंग क्लास संचालक भार्गव भूटानी को हिरासत में ले लिया है. इस अग्निकांड में 20 विद्यार्थियों की मौत हो गई थी.

सूरत पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. तीन लोगों में कॉम्प्लेक्स के बिल्डर हर्षल वेकरिया और जिग्नेश तथा कोचिंग सेंटर के मालिक भार्गव भूटानी शामिल हैं. इन तीनों पर जानबूझकर लोगों की हत्या करने का आरोप लगा है.

इससे पहले शुक्रवार की शाम सूरत स्थित एक परिसर में चौथी मंजिल पर गुंबद जैसी संरचना में भीषण आग लग गई जिसमें कम से कम 20 किशोर विद्यार्थियों की मौत हो गई. ये सभी छात्र-छात्राएं कोचिंग क्लास में भाग ले रहे थे. यह कोचिंग क्लास सूरत के सरथाना इलाके के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में चलाई जा रही थी. इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इमारत के चौथे तल पर घने धुएं के गुबार के बीच फंसे हताश विद्यार्थी और लोग जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से कूदते दिख रहे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है.

एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार, सूरत शहरी विकास प्राधिकरण (SUDA) वारछा के जोनल चीफ डीसी गांधी ने बताया कि, '2001 में सूडा ने ‘टाउन प्लानिंग स्कीम नंबर 22’ के तहत इस टाउन में एक आवासीय भवन बनाने की अनुमति दी थी. इसके बाद 2007 में अवैध रूप से यहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर लिया गया. 2012 में जब बिल्डिंग रेगुलाइजेशन के नियम बनाए गए, उसके तहत 2013 में इंम्पैक्ट-फी का भुगतान करके इस अवैध भवन को कानूनी रूप से नियमित कराकर दूसरी मंजिल को वैध घोषित करा दिया गया.”
इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के नियमों का कोई अनुपालन नहीं किया गया था क्योंकि नियमानुसार केवल जमीन और तीन मंजिल भवन ही अनिवार्य अग्नि सुरक्षा कानून के तहत आते हैं. कोचिंग क्लासेस के संचालक अवैध गुंबदनुमा बिल्डिंग के तीसरे तल पर नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर आर्किटेक्चर (NATA) परीक्षा के लिए कक्षाएं चला रहे थे.

हाल के दिनों में आग लगने की बड़ी घटनाओं में छात्रों के मारे जाने के बाद भी स्थानीय नागरिक निकाय द्वारा इस भवन की अवैध तीसरी मंजिल की अनदेखी करने से स्थानीय निवासी बहुत गुस्साए हुए हैं. गौरतलब है कि 26 नवंबर, 2018 को सूरत के वेसु क्षेत्र में आगम आर्केड में आग लगने से तीन छात्रों और एक शिक्षक की मौत हो गई थी.एक अनुमान के मुताबिक, 3 लाख से अधिक छात्र शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित लगभग 3,000 कोचिंग सेंटरों में जाते हैं, जिनमें से कुछ बेहद जीर्ण और खतरनाक हैं.

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि भवन में सिर्फ एक तरफ से प्रवेश करने और निकलने का रास्ता था, जबकि मंजिलों पर जाने के लिए लकड़ी की एक सीढ़ी थी. आग लगने पर लकड़ी की सीढ़ी जल गई, जिससे आग से बचने के लिए सीढ़ी से उतरने का ऑप्शन नहीं था. इसलिए विद्यार्थी जान बचाने के लिए छत से कूदने लगे. संदेह जताया जा रहा है कि आग या तो एयर कंडिशनर कंप्रेसर या किसी इलेक्ट्रिकल उपकरण से लगी है.

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