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पहले खुद थीं नक्सली, अब लाल आतंक के खिलाफ लड़ रहीं हैं जंग

लाल आतंक के खिलाफ मैदान में उतरे 'दंतेश्वरी लड़ाके'
(image credit: News18)

लाल आतंक के खिलाफ मैदान में उतरे 'दंतेश्वरी लड़ाके' (image credit: News18)

आत्मसमर्पण कर चुकीं नक्सली रही कुछ महिलाओं ने अब माओवाद के खिलाफ जंग में एके-47 उठा ली है.

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    नक्सल आतंक के खिलाफ जंग में अब कुछ ऐसे लोग शामिल हो गए हैं जो कल तक उन्हीं का हिस्सा थे. नक्सल आतंक से पीड़ित आत्मसमर्पण कर चुकी कुछ महिलाओं ने अब माओवाद के खिलाफ जंग के लिए एके-47 उठा लिया है. आत्मसमर्पण के बाद जो महिलाएं घरेलू कामों में जुट जातीं वो अब लाल आतंक के खिलाफ बंदूक उठाए लड़ रही हैं.

    अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ की संरक्षक देवी के नाम पर इन महिला कमांडो को 'दंतेश्वरी लड़ाके' के नाम से जाना जाता है. बुधवार को नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में ये महिला लड़ाके भी शामिल थे. इस ऑपरेशन में दो नक्सली ढेर किए गए थे. पुलिस के मुताबिक नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में साथ देकर अब तक इन महिला कमांडो ने एक महीने में 5 नक्सलियों को ढेर किया है.

    पुलिस का कहना है कि ये लड़ाके बड़ी आसानी से नक्सलियों के बीच घुल मिल जाती हैं और आसानी से साड़ियों में बंदूक छुपा लेती हैं जिससे वो माओवादियों के खिलाफ प्रबल ताकत बनकर उभर सकती हैं.

    आत्मसमर्पण कर चुकी महिला नक्सलियों को पुलिस के साथ ऑपरेशनों में भी शामिल करने की सोच  दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव के दिमाग में पहली बार आई थी. उनके मुताबिक 4 महीने पहले जब उन्होंने आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के एक कैंप का दौरा किया तो उनके दिमाग में यह विचार आया.

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    पल्लव कहते हैं कि ज्यादातर आत्मसमर्पण कर चुके पुरुष नक्सलियों को प्रशिक्षित करने के बाद डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड में भर्ती कर लिया जाता है. जबकि महिलाएं घरों के कामों तक सीमित रह जाती हैं जिससे उनके अंदर हताशा का भाव उत्पन्न होता है. इसी बात को ध्यान में रखकर महिलाओं को कॉम्बैट ट्रेनिंग देने की बात उन्होंने सोची.

    30 महिलाओं को चुना गया और उन्हें ब्रिगेडियर बी के पोंवार (रिटायर्ड) की ओर से संचालित कांकेर जंगल वॉरफेयर कॉलेज भेजा गया. वहां दिसंबर में उन्हें 6 हफ्तों की कड़ी कॉम्बैट ट्रेनिंग दी गई और उसके बाद मार्च तक इन-हाउस ट्रेनिंग दी गई. एसपी पल्लव ने बताया, 'इसके बाद फील्ड ट्रेनिंग के लिए वो छोटे ऑपरेशनों में जाने लगीं और अब बड़े ऑपरेशन्स के लिए पूरी तरह तैयार हैं.' दंतेवाड़ा के एसपी के मुताबिक इससे और ज्यादा महिला नक्सलियों को सरेंडर करने की प्रेरणा मिलेगी.

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