पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन खुलने के बाद 16-45 साल के लोग कोरोना के हुए सबसे ज्यादा शिकार: सर्वे

पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन खुलने के बाद 16-45 साल के लोग कोरोना के हुए सबसे ज्यादा शिकार: सर्वे
सर्वे के मुताबिक इसमें 75 प्रतिशत से अधिक मामले कोलकाता, इसके पास के जिले नॉर्थ 24 परगना, हावड़ा और साउथ 24 परगना और हुगली है. (फोटो-AP)

Coronavirus: ये सर्वे लॉकडाउन खुलने के बाद किया गया. सर्वे के मुताबिक, 16-45 साल के उम्र के 56.5 फीसदी लोगों को कोरोना हुआ. इसमें 29.3% लोग ऐसे थे, जिनकी उम्र 16 से 30 साल के बीच थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 27, 2020, 10:19 AM IST
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कोलकाता. देश भर में जून से लॉकडाउन (Lockdown) खुलने के बाद कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के रफ्तार में बेतहाशा इजाफा हुई है. पिछले कुछ दिनों से हर रोज़ 45 हज़ार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. इस बीच पश्चिम बंगाल (West Bengal) से हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए हैं. एक सर्वे के मुताबिक, लॉकडाउन खुलने के बाद यहां 16 से 45 साल के उम्र के बीच के लोग कोरोना के सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं.

सर्वे में और क्या हुआ खुलासा
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ये सर्वे स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 18541 लोगों पर किया गया. ये वो लोग हैं जो कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव निकले थे. साथ ही ये सर्वे लॉकडाउन खुलने के बाद किया गया. सर्वे के मुताबिक 16-45 साल के उम्र के 56.5 फीसदी लोगों को कोरोना हुआ. इसमें 29.3% लोग ऐसे थे जिनकी उम्र 16 से 30 साल के बीच थी. 27.2% की उम्र 31-45 साल थी. जबकि सर्वे के मुताबिक 46-60 साल के उम्र के बीच के 12.9% को कोरोना हुआ. इस सर्वे में ये भी कहा गया है कि इस दौरान 16 साल से कम उम्र के सिर्फ 3.7% लोगों को कोरोना हुआ. इसके अलावा इसमें 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या सिर्फ 3.2 परसेंट है.

कोलकाता सबसे ज्यादा प्रभावित
सर्वे के मुताबिक इसमें 75 प्रतिशत से अधिक मामले कोलकाता, इसके पास के जिले नॉर्थ 24 परगना, हावड़ा और साउथ 24 परगना और हुगली है. एक सीनियर मेडिकल ऑफिसर ने कहा, ' इस सर्वे से ये साफ है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद इन पांच जिलों में कोरोना के मामलों में भारी संख्या में बढ़त देखने को मिली. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि काम करने वाले लोग दूसरे जिले से यहां पहुंचे. इन सभी की उम्र 16 से 60 साल के बीच थी. अपने परिवार की कमाई को जारी रखने के लिए, वे घर से बाहर निकले और कोरोना के शिकार हो गए.'



क्या है मुख्य वजह?
जाने-माने विरोलॉजिस्ट डॉक्टर सुमन पोद्दार ने कहा, 'कोरोनो वायरस संक्रमण की शुरुआत से ही इस उम्र के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. बच्चे ज्यादातर घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं क्योंकि स्कूल लॉकडाउन की शुरुआत से ही बंद थे. विदेशों में 60 साल से अधिक उम्र के लोग भी काम करते हैं और काफी एक्टिव रहते हैं. भारत में हमलोग आमतौर पर 60 साल के बाद काम नहीं करते हैं. इसके अलावा, ये लोग ज्यादातर अपने घरों में लॉकडाउन के चलते फंसे रहे. इसलिए ये ज्यादा संक्रमित नहीं हुए.'
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