Surya Grahan 2021: दोपहर 1:42 बजे लगेगा सूर्य ग्रहण, यहां जानिये भारत में कहां दिखेगा

आज लगेगा साल का पहला सूर्यग्रहण. (File pic)

आज लगेगा साल का पहला सूर्यग्रहण. (File pic)

Surya Grahan 2021: गुरुवार को दुनिया साल के पहले सूर्यग्रहण की गवाह बनेगी. जब सूरज और धरती के बीच में चांद आएगा तो इस ग्रहण से आसमान में एक आग का घेरा नजर आएगा. इसे रिंग ऑफ फायर कहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2021, 12:48 PM IST
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नई दिल्‍ली. हफ्ते भर पहले ही दुनिया शानदार ब्लड मून, सुपर मून या पूर्ण चंद्र ग्रहण को निहारा है. अब आसमान आज फिर दुनिया को एक और अनोखा दृश्य दिखाने जा रहा है. गुरुवार को दुनिया साल के पहले सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) की गवाह बनेगी. जब सूरज और धरती के बीच में चांद आएगा तो इस ग्रहण से आसमान में एक आग का घेरा नजर आएगा. इसे रिंग ऑफ फायर कहते हैं.

ये आग का घेरा बहुत दुर्लभ पल है, जो कभी कभी ही बनता है, जब चांद सूरज के हिस्सों को ढक लेता है और इससे सूरज के किनारे एक आभामंडल सा बन जाता है. सालाना सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा चक्कर लगाते हुए धरती से दूर चला जाता है और लंबी दूरी के वजह से चंद्रमा छोटा नजर आता है. इस तरह से ये सूरज को पूरी तरह से नहीं ढकता है और सूरज एक काली प्लेट की तरह नज़र आता है.

भारत में कहां पर दिखेगा सूर्यग्रहण

जहां दुनिया में कई देश सूर्यग्रहण के गवाह बनेंगे. वहीं भारत के सूदूर इलाके जैसे अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के अलावा बाकी हिस्‍से के लोग इस दुर्लभ घटना को नहीं देख पाएंगे. अरुणाचल प्रदेश में लोग इसे सूर्यास्त से थोड़ी देर पहले देख पाएंगे. ये ग्रहण मुश्किल से 3-4 मिनट ही रहेगा.
उत्तरी सीमा पर लद्दाख में भी आखरी चरण का आंशिक सूर्यग्रहण देखने को मिलेगा. यहां भी थोड़ी ही देर के लिए ही देखने को मिलेगा वो भी देश के पूर्वी हिस्से से ज्यादा एल्टिट्यूड पर दिखाई देगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि देश के बहुत छोटे से हिस्से में सूर्यग्रहण देखने को मिलेगा.


अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वाइल्डलाइफ सेंचुरी के आसपास ये करीब 5.52 बजे दिखेगा, उसी दौरान ये दुर्लभ पल उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया के एक बड़े क्षेत्र में भी दिखाई देगा. सूरज के इस आभामंडल को ग्रीनलैंड के कुछ हिस्से, उत्तर-पूर्वी केनेडा, और नॉर्थ पोल में भी देखा जा सकेगा. कनाडा में जहां ये दृश्य तीन मिनट के लिए रहेगा. वहीं ग्रीनलैंड में ये तब दिखाई देगा जब ग्रहण अपने पीक पर पहुंच जाएगा, इसी दौरान ये साइबेरिया और नॉर्थ पोल में भी दिखाई देगा.

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