लॉकडाउन के नियमों की न हो अनदेखी इसलिए ड्रोन से निगरानी कर रही तेलंगाना पुलिस

ड्रोन की मदद से निगरानी कर रही तेलंगाना पुलिस (Photo-ANI Videograb)

ड्रोन की मदद से निगरानी कर रही तेलंगाना पुलिस (Photo-ANI Videograb)

Lockdown in Telangana: तेलंगाना में कोरोना वायरस के मामलों के चलते 12 मई से 22 मई तक लॉकडाउन लगाया गया था लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे 30 मई तक बढ़ा दिया गया है.

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हैदराबाद. तेलंगाना के सूर्यापेट में जारी लॉकडाउन के दौरान निगरानी रखने के लिए पुलिस ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल कर रही है. इस ड्रोन के जरिए पुलिस नजर रख रही है कि लोग कोविड लॉकडाउन के नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं. इस ड्रोन के साथ पुलिस का एक सायरन भी जोड़ा गया है. बता दें तेलंगाना सरकार ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की अवधि मंगलवार को 30 मई तक के लिए बढ़ा दी है. इससे पहले 12 मई को लागू किया गया लॉकडाउन 22 मई को समाप्त होने वाला था.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य में लॉकडाउन की अवधि 30 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से फोन पर बात की और उनके विचार सुने. कैबिनेट मंत्रियों की राय लेने के बाद मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन 30 मई तक बढ़ाने का फैसला किया.’’ मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सोमेश कुमार से लॉकडाउन बढ़ाने के लिए आदेश जारी करने को कहा.


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तेलंगाना में अब तक आए 5.44 लाख केस

गौरतलब है कि तेलंगाना में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3660 नए मामले सामने आने के बाद प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5.44 लाख के पार हो गयी. इस दौरान राज्य में इस घातक बीमारी से 23 और लोगों की मौत हो गयी जिसके बाद मरने वालों का आंकड़ा 3,060 पर पहुंच गया है. सरकार की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गयी है.

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बुलेटिन में कहा गया है कि प्रदेश में 45,757 मामले उपचाराधीन हैं. इसमें कहा गया है कि प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या अब तक 5,44,263 हो गयी है जबकि पिछले 24 घंटे में राज्य में 4826 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं जिसके बाद ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4,95,446 पर पहुंच गयी है. इसके अनुसार प्रदेश में अब तक 1.43 करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है.

इसमें कहा गया है कि प्रदेश में मृत्यु दर 0.56 प्रतिशत तथा संक्रमण मुक्त होने की दर 91.03 फीसदी है जो राष्ट्रीय औसत से कम है.


इस बीच राज्य सरकार ने महामारी रोग अधिनियिम के तहत ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) एक सूचनीय बीमारी घोषित कर दिया है जो प्रारंभिक रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है जो कोविड से ठीक हो जाते हैं

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