Home /News /nation /

Sushant Case: सुशांत सिंह केस में अब NIA की हो सकती है एंट्री, ड्रग्स मामलों की जांच की मिली मंजूरी- रिपोर्ट

Sushant Case: सुशांत सिंह केस में अब NIA की हो सकती है एंट्री, ड्रग्स मामलों की जांच की मिली मंजूरी- रिपोर्ट

सुशांत की मौत का मामला 14 जून को सामने आया था और आरंभिक जांच मे मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था.

सुशांत की मौत का मामला 14 जून को सामने आया था और आरंभिक जांच मे मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था.

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Death Case) के मामले में जांच के 100 दिन पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन सीबीआई इस मामले में नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर काम कर रही है. वहीं, इस केस में ड्रग्स कनेक्शन आने के बाद से कई बड़े खुलासे हुए हैं, जिसके बाद इनकी जांच के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को मंजूरी दे दी है.

अधिक पढ़ें ...
  • News18Hindi
  • Last Updated :
    नई दिल्ली. सुशांत सिंह राजपूत की मौत (Sushant Singh Rajput Death Case) के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के बाद एनआईए यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एंट्री हो सकती है. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में ड्रग्स कनेक्शन आने के बाद से कई बड़े खुलासे हुए हैं, जिसके बाद इनकी जांच के लिए केंद्र सरकार ने NIA को मंजूरी दे दी है. अखबार के मुताबिक, सरकार के सीनियर अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े केस की NIA जांच का यह बड़ा कारण हो सकता है. बता दें कि इस एजेंसी का गठन मूल रूप से आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच के लिए किया गया था. एजेंसी अब तक मानव तस्करी, जाली नोट और साइबर टेररिज्म जैसे मामलों की जांच करती रही है, लेकिन नॉर्कोटिक्स का यह पहला मामला होगी, जिसकी जांच इस आतंक रोधी संस्था से कराई जाएगी.

    इस मामले से जुड़े एक सरकारी अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि 'सुशांत केस में ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मामले उभरे हैं. ऐसे में इसकी जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है.'


    दरअसल, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की. इसमें कहा गया कि धारा 53 द नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के अनुसार, केंद्र राज्यों के साथ परामर्श करने के बाद एनआईए में निरीक्षकों के रैंक से ऊपर के अधिकारियों को शक्तियों का प्रयोग करने और कर्तव्यों का पालन करने के लिए आमंत्रित करता है.' बता दें कि ये धारा सरकार को किसी भी अधिकारी को इस अधिनियम के तहत अपराधों की जांच के लिए एक पुलिस स्टेशन की शक्तियां प्रदान करने की अनुमति देती है.

    NCB जांच: रिया और शौविक ने HC में दायर की जमानत याचिका, आज होगी सुनवाई



    ड्रग्स चैट में नया खुलासा
    ड्रग्स चैट मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. सोमवार रात से इस केस में दीपिका पादुकोण और उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश के बीच हुई बातचीत के हिस्से सामने आ रहे थे. इनमें दीपिका के लिए D और करिश्मा के लिए K कोडनेम का इस्तेमाल किया जा रहा था. दीपिका-करिश्मा के बीच यह बातचीत 28 अक्टूबर 2017 को हुई थी. अब इसमें दीया मिर्जा का नाम भी सामने आ रहा है. एनसीबी जल्द ही इन दोनों एक्ट्रेस को समन भेजेगी.

    एक हफ्ते के लिए दोबारा मुंबई जाएगी सीबीआई टीम
    इस बीच सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच को आखिरी मुकाम पर पहुंचाने के लिए सीबीआई की टीम आज एक हफ्ते के लिए दोबारा मुंबई जा रही है. सुशांत केस मे लगातार 21 दिनों की जांच के बाद सीबीआई टीम कुछ दिनों पहले ही दिल्ली लौटी है. पिछले तीन दिनों से सीबीआई मुख्यालय में अब तक की जांच के नतीजों को लेकर बैठके हुईं. सीबीआई को अभी तक ऐसा कोई सबूत नही मिला है जिससे ये साबित होता हो कि सुशांत की हत्या की गई है. सीबीआई अब दिशा साल्यान के केस में इसका कोई कनेक्शन ढूंढने की कोशिश में है.

    ड्रग्स केस: NCB के रडार पर आई टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी 'KWAN', कंगना रनौत ने कही ये बात

    अगले सप्ताह सीबीआई को मिलेगी एम्स की फोरेंसिक रिपोर्ट
    सूत्रों के मुताबिक, एम्स की फोरेंसिक टीम अपनी रिपोर्ट अगले सप्ताह सीबीआई को सौंपने जा रही है. सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की तरफ से फोरेंसिक टीम को स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि वो अपनी रिपोर्ट में उन्हीं बातों का जिक्र करें, जिन्हें कोर्ट में साबित किया जा सके; क्योंकि इस मामले मे सीबीआई ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती, जिससे उसे कोर्ट की फटकार का सामना करना पड़े.

    Tags: CBI investigation, Sushant Singh Rajput Case, Sushant singh rajput death

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर