नेताओं ने अपने फायदे के लिए उछाली सुशांत की मर्डर मिस्ट्री, अमेरिकी स्टडी में दावा

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को अपने मुंबई के अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे.

Sushant singh Rajput Case: इस स्टडी में ये बात सामने आई है कि सुशांत केस में कुछ चैनलों ने स्टोरीज को प्रमोट किया जो बिल्कुल ही निराधार मर्डर थ्योरीज पर आधारित था. "Anatomy of a Rumors: Social Media and Suicide of Sushant Singh Rajput" टाइटल वाली ये प्री-प्रिंट स्टडी बताती है कि राजनेताओं के अकाउंट्स SSR केस में नेरेटिव को सुसाइड से मर्डर में बदलने में अहम रहे.

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    नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने आत्महत्या की थी एम्स की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो गई है. ट्विटर, यूट्यूब वीडियोज और ट्रेंड्स पर हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े केस में 'मर्डर थ्योरी' को कुछ राजनेताओं, पत्रकारों और मीडिया हाउसेज ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया है. इसका मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों का ट्रैक्शन जुटाना था.

    मिशिगन यूनिवर्सिटी में एक एसोसिएट प्रोफेसर के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम ने यह स्टडी पूरी की है. इस स्टडी में ये बात सामने आई है कि सुशांत केस में कुछ चैनलों ने स्टोरीज को प्रमोट किया जो बिल्कुल ही निराधार मर्डर थ्योरीज पर आधारित थी. "Anatomy of a Rumors: Social Media and Suicide of Sushant Singh Rajput" टाइटल वाली ये प्री-प्रिंट स्टडी बताती है कि राजनेताओं के अकाउंट्स SSR केस में नेरेटिव को सुसाइड से मर्डर में बदलने में अहम रहे. स्टडी में ये बात सामने आई है कि मर्डर थ्योरी को सुसाइड थ्योरी से कहीं ज्यादा ट्रैक्शन मिला.



    'सुसाइड' की जगह 'मर्डर'
    7,000 यूट्यूब वीडियोज, 10,000 ट्वीट्स, 2,000 पत्रकारों और मीडिया हाउसेज, 1200 नेताओं से जुड़ी इस स्टडी में यह बात सामने आई है कि राजनेता शुरुआती चरण में केस को 'सुसाइड' की जगह 'मर्डर' के तौर पर पेश कर मामले को अलग मोड़ देने की वजह बने. स्टडी का इमोशनल एंगल बताता है कि राजनीतिक अकाउंट्स ने जुलाई में सीबीआई जांच की मांग को लिए एक्टिव हुए. इसके साथ ही पत्रकारों ने अगस्त में महाराष्ट्र सरकार विरोधी नेरेटिव को पूरी ताकत लगाकर आगे बढ़ाया.

    बीजेपी अकाउंट्स से मर्डर शब्द का ज्यादा इस्तेमाल
    इस स्टडी में यह बात सामने आई है कि बीजेपी से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स मर्डर का शब्द का इस्तेमाल ज्यादा किया गया है. डेटा दिखाता है कि राजनेताओं, खास तौर पर बीजेपी से जो जुड़े थे, उन्होंने सुसाइड की जगह मर्डर शब्द का ज्यादा इस्तेमाल किया गया.

    मिशिगन विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर जॉयजीत पाल ने इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान कहा, "पूरे सोशल मीडिया स्पेस को इतनी प्रभावी रूप से हथियारबंद किया कि आप किसी भी ऐसे मुद्दे को जिसमें भावनात्मक पहलू हों, उसे किसी ऐसी बात में बदल सकते हैं जिससे पूरा देश चिपका रहे." इस पूरे घटनाक्रम में रिया चक्रवर्ती, आदित्य ठाकरे, दिशा सालियान और सलमान खान को निशाना बनाया गया.

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