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जर्मनी में फंसी गुरप्रीत ने लगाई मदद की गुहार, सुषमा ने दिया भरोसा

News18India.com
Updated: February 3, 2016, 4:48 PM IST

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज जर्मनी में व्यथित अवस्था में रह रही एक भारतीय महिला को मदद का भरोसा दिया। वह महिला भारत आना चाहती है।

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नई दिल्ली। जर्मनी में फंसी एक भारतीय महिला ने भारत की सरकार से उसे बचाने की गुहार लगाई। मामला फरीदाबाद का हैं जहां ससुराल वालों के झांसे में आकर जर्मनी पहुंची महिला और उसकी 7 साल की बेटी फिलहाल जर्मनी में रिफ्यूजी कैम्प में रह रही हैं। यू ट्यूब पर डाले एक वीडियो में गुरप्रीत ने भारत सरकार से मदद मांगी है।

महिला के मुताबिक वो ससुरालवालों के झांसे में आकर अपनी 7 साल की बेटी के साथ जर्मनी आई, और वहां फंस गई। गुरप्रीत की शादी 2005 में मनोज नाम के शख्स से हुई थी, लेकिन 2010 में मनोज अचानक गायब हो गया बाद में उसके ससुरालवालों ने उसे ये कहकर जर्मनी भेज दिया कि तुम्हारा पति वहां हो सकता है। अब गुरप्रीत वापस अपने देश आना चाहती हैं जिसके लिए उन्होंने यू-ट्यूब का सहारा लिया।

गुरप्रीत इस वीडियो में कह रही हैं कि मेरे ससुराल वालों ने मुझे जर्मनी में रिफ्यूजी कैंप में जमा करवा दिया। मैं बहुत तकलीफ में हूं, मेरे साथ मेरी 7 साल की बेटी भी है। मैं भारत आना चाहती हूं, मेरी सरकार से विनती है कि मुझे भारत बुलाया जाए। बाकी कहानी मैं वहां आकर बताऊंगी कि मेरे ससुराल वालों ने मेरे साथ क्या किया।

गुरप्रीत के ट्विटर पर डाले गए इस वीडियो में उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को टैग किया था जिसके बाद सुषमा स्वराज ने गुरप्रीत का नंबर मांगा था।




स्वराज ने ट्वीट किया कि गुरप्रीत, मुझे जर्मनी में अपने राजदूतावास से रिपोर्ट मिल गई है। एक और ट्वीट में सुषमा ने कहा कि हम तुम्हारी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि फ्रैंकफर्ट में भारतीय महावाणिज्य दूतावास इस मामले को देखेगा और इस बारे में उनके (महिला) पिता से भी बात की जा चुकी है। गुरप्रीत फरीदाबाद की रहने वाली हैं। वह और उनकी बेटी जल्द से जल्द भारत लौटना चाहती हैं।

गुरप्रीत के पिता दीदार सिंह के मुताबिक उसकी शादी 2005 में मनोज से हुई थी। साल 2010 में मनोज अचानक गायब हो गया, जिसके बाद उसका आज तक कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उनकी बेटी ने ससुराल पक्ष पर अदालत में केस फाइल किया। दीदार सिंह के मुताबिक केस करने के बाद उनकी बेटी के नंदोई विश्वानंद और दौलत राम जो दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहते हैं ने गुरप्रीत को केस खत्म करने की एवज में जर्मनी भेजने का प्रस्ताव रखा।

गुरप्रीत को बताया गया कि उसके सास ससुर जर्मनी में हैं हो सकता है की उसका पति मनोज भी वहीं हो। इसके चलते उन्होंने गुरप्रीत को पिछले साल सितम्बर में जर्मनी भेज दिया। अब गुरप्रीत के माता पिता उसके वापस आने की बाट जोह रहे हैं और सरकार से वह मदद की गुहार लगा रहे हैं। दीदार सिंह के मुताबिक उनके पास बेटी का कोई नंबर नहीं था, उन्हें बेटी के रिफ्यूजी कैम्प में रहने की जानकारी उनके एक परिचित ने दी थी।

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First published: February 3, 2016, 8:47 AM IST
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स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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