प्रणब मुखर्जी के दोस्‍त '1 रुपये वाले डॉक्‍टर' ने उन्हें कुछ यूं किया याद

प्रणब मुखर्जी के दोस्‍त '1 रुपये वाले डॉक्‍टर' ने उन्हें कुछ यूं किया याद
प्रणब मुखर्जी के अच्‍छे दोस्‍त थे डॉ. सुशोवन बनर्जी.

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 'एक रुपये वाले डॉक्‍टर' के नाम से मशहूर डॉ. सुशोवन बनर्जी (sushovan banerjee) पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) के अच्‍छे दोस्‍त थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 11:19 AM IST
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नई दिल्‍ली. पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया. मुखर्जी को 10 अगस्त को दिल्‍ली के सैन्‍य अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सोमवार सुबह जारी एक हेल्‍थ बुलेटिन में कहा गया था कि वह गहरे कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. इसके बाद उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने उनके निधन की जानकारी दी. उनके निधन पर देश-विदेश में शोक जताया जा रहा है. इस बीच प्रणब मुखर्जी के दोस्‍त और एक रुपये वाले डॉक्‍टर के नाम से मशहूर डॉ. सुशोवन बनर्जी (sushovan banerjee) ने भी उन्‍हें याद करके उनसे जुड़ी बातें साझा कीं.

पश्चिम बंगाल में 'एक रुपये वाले डॉक्‍टर' के नाम से मशहूर डॉ. सुशोवन बनर्जी पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अच्‍छे दोस्‍त थे. बीरभूम के रहने वाले डॉक्टर सुशोवन बनर्जी को गरीबों का इलाज 1 रुपये में करने के कारण पद्मश्री भी मिल चुका है. डॉ. बनर्जी अक्सर प्रणब मुखर्जी से मिलने के लिए दिल्ली भी आते थे और प्रणब दा जब भी बीरभूम जाते थे तो उनसे जरूर मिलते थे.

प्रणब मुखर्जी के निधन पर डॉ. बनर्जी ने कहा, 'प्रणब मुखर्जी जी 1978 में मेरे चैंबर में आए थे. तबसे वह मेरे बड़े भाई के समान हो गए थे. मैं उनके साथ दिल्‍ली, मुंबई समेत कई स्‍थानों पर गया. मैं कई बार उनके आवास पर भी ठहरा. वह सच में बहुत अच्‍छे इंसान थे. उनका हृदय काफी बड़ा था. आज जो भी इंसान गया है, वह समाज की बेहतरी करने वाला इंसान था.'



बता दें कि प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी थी. उन्‍होंने कहा था, 'भारी मन से आपको सूचित करना है कि मेरे पिता श्री प्रणब मुखर्जी का अभी कुछ समय पहले निधन हो गया. आरआर अस्पताल के डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों और पूरे भारत के लोगों की प्रार्थनाओं और दुआओं के लिए मैं आप सभी को हाथ जोड़कर धन्यवाद देता हूं.'
पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी को दिल्ली छावनी स्थित अस्पताल में गत 10 अगस्त को भर्ती कराया गया था और उसी दिन उनके मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए उनकी सर्जरी की गई थी. मुखर्जी को बाद में फेफड़े में संक्रमण हो गया. मुखर्जी 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति थे.
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