चीनी सट्टेबाजी में ईडी के रडार पर बैंक और वॉलेट कंपनियां, 1100 करोड़ के हुए संदिग्ध ट्रांसजेक्शन

चीनी सट्टेबाजी में ईडी के रडार पर बैंक और वॉलेट कंपनियां, 1100 करोड़ के हुए संदिग्ध ट्रांसजेक्शन
चीनी सट्टेबाज कंपनियों ने ज्यादातर अकाउंट एचएसबीसी बैंक में खोले हैं

Companies on ED's radar जांच के दौरान पता चला है कि भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की मदद से कुछ चीनी नागरिकों ने भारत में डमी कंपनियां स्थापित की. डमी कंपनियों में पहले किसी भारतीय को डायरेक्टर बनाया गया और बाद में चीनी नागरिक उन कंपनियों के डायरेक्टर बन गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 2:13 PM IST
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हैदराबाद. ऑनलाइन सट्टेबाजी की वेबसाइट और एप के जरिए चीनी लुटेरों की हिंदुस्तान में करोड़ों की लूट में PayTM, Cashfree और Razorpay जैसे ऑनलाइन वॉलेट कंपनियां और एचएसबीसी बैंक की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है. प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक इन वित्तीय संस्थानों ने चीनी लुटेरों के संदिग्ध ट्रांसजेक्शन की जानकारियां शेयर नहीं की और जिसकी वजह से चीनी सट्टेबाजों ने देश से करोड़ों रुपए उड़ा लिए. ईडी ने इन कंपनियों से जानकारियां तलब की हैं. हजारों करोड़ की धांधली में कई भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट भी ईडी के रडार पर हैं. चीनी एप्लीकेशन और वेबसाइट्स के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में हैदराबाद पुलिस के खुलासे के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली, गुड़गांव, मुंबई और पुणे में फैले 15 ठिकानों पर छापेमारी की है. ईडी ने एचएसबीसी बैंक के 4 खातों में जमा 46 करोड़ 96 लाख की बड़ी रकम को फ्रीज कर दिया है.

1100 करोड़ रुपये की लूट!
ज्वाइंट कमिश्नर अविनाश मोहंती ने बताया कि ‘सेंट्रल क्राइम पुलिस स्टेशन ने सट्टेबाजी के जरिए करीब 1100 करोड़ रुपये की लूट का पता लगाया था. इस मामले में दिल्ली और गुड़गांव से चीनी नागरिक और बीजिंग टुमोरो पावर कंपनी के मैनेजर यान हाओ समेत धीरज सरकार और अंकित कपूर को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद मनी लाउंड्रिंग की जांच के लिए मामले की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय को दे दी गई थी'. ईडी की कार्रवाई के बाद लूट का आंकड़ा कई हजार करोड़ तक पहुंचने का अंदेशा है. ईडी ने मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत छापेमारी की कार्रवाई की है. छापेमारी के दौरान ईडी ने 17 हार्ड डिस्क, 5 लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं.

ज्यादातर अकाउंट एचएसबीसी बैंक में 
खास बात यह है कि चीनी सट्टेबाज कंपनियों ने ज्यादातर अकाउंट एचएसबीसी बैंक में खोले हैं. डॉकीपे टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के 2 बैंक खातों की जांच से पता चला है कि पिछले साल में कंपनी के खातों में 1268 करोड़ जमा हुआ. इसमें से 300 करोड़ रुपये PayTM गेटवे के जरिए आए और लगभग 600 करोड़ रुपये PayTM के माध्यम से ट्रांसफर हुए हैं. एक और कंपनी लिंकयुन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों से भी इसी तरह का लेनदेन हुआ है. भारतीय ग्राहकों के लिए ऑनलाइन चीनी डेटिंग ऐप चलाने वाली कई भारतीय कंपनियों के चीनी सट्टेबाजी की कंपनियों से साथ वित्तीय लेनदेन के भी सबूत मिले हैं. ईडी को शक है कि हवाला के जरिए भी चीनी सट्टेबाजों की कंपनियों ने रुपयों का लेनदेन किया है. ऑनलाइन वॉलेट कंपनियां, एचएसबीसी बैंक समेत कई वित्तीय कंपनियों से ईडी ने जानकारी तलब की है.



चार्टर्ड एकाउंटेंट्स भी शामिल
जांच के दौरान पता चला है कि भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की मदद से कुछ चीनी नागरिकों ने भारत में डमी कंपनियां स्थापित की. डमी कंपनियों में पहले किसी भारतीय को डायरेक्टर बनाया गया और बाद में चीनी नागरिक उन कंपनियों के डायरेक्टर बन गए. आरोपी कंपनियों ने बड़ी संख्या में एक जैसी दिखने वाली वेबसाइट शुरू की और उन बेवसाइट के जरिए सट्टेबाजी शुरू कर दी. लोगों को सट्टेबाजी में नए ग्राहकों को जोड़ने पर कमीशन भी दिया. इसके बाद सट्टे का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया. यह लोग टेलीग्राम एप के जरिए सट्टा खेलने वालों को सूचनाएं देते थे कि कौन सी वेबसाइट किस दिन काम करेगी और किस वेबसाइट पर किस समय सट्टा खेला जा सकता है.
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