निलंबित DSP दविंदर सिंह ने पाकिस्तानी उच्चायोग को दी थी संवेदनशील जानकारियां: अधिकारी

निलंबित DSP दविंदर सिंह ने पाकिस्तानी उच्चायोग को दी थी संवेदनशील जानकारियां: अधिकारी
कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह की फाइल फोटो

दविंदर सिंह (Davinder Singh) की भूमिका की जांच के दौरान, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसके 'सुरक्षित' सोशल मीडिया एकाउंट्स का पासवर्ड खोज निकाला, जिसमें उसके पाकिस्तानी उच्चायोग (Pakistan High Commission) के कुछ कर्मियों के साथ उसकी मिलीभगत की जानकारी मिलती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 13, 2020, 12:30 AM IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह (Devender Singh) ने कथित तौर पर 'संवेदनशील' जानकारियों सहित कई बातें पाकिस्तान उच्चायोग (Pakistan High Commission) में अपने संपर्क सूत्रों को बताई थीं. अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी उच्चायोग के संपर्क सूत्र (contacts) उसे कुछ संवेदनशील जानकारी निकालने के लिए तैयार कर रहे थे.

अधिकारियों ने बताया, हालांकि सिंह की भूमिका की जांच के दौरान, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसके 'सुरक्षित' सोशल मीडिया एकाउंट्स (Social Media Accounts) का पासवर्ड खोज निकाला, जिसमें उसके पाकिस्तानी उच्चायोग (Pakistan High Commission) के कुछ कर्मियों के साथ उसकी मिलीभगत की जानकारी मिलती है. इन कर्मियों को राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) में जासूसी गतिविधियों में उनकी भूमिका पाये जाने के बाद वापस भेज दिया गया था.

दविंदर की गिरफ्तारी के बाद CISF को सौंपी गई श्रीनगर हवाई अड्डे की सुरक्षा
एनआईए ने 6 जुलाई को फिलहाल जम्मू जेल में बंद सिंह और पांच अन्य के खिलाफ पाकिस्तान के आतंकवादी समूहों विशेषकर हिजबुल मुजाहिदीन की मदद से कथित तौर पर "भारत के खिलाफ युद्ध" छेड़ने के एक मामले में आरोप पत्र (Chargesheet) दायर की थी.
अपनी गिरफ्तारी से पहले, सिंह की आखिरी पोस्टिंग रणनीतिक महत्व के श्रीनगर हवाई अड्डे की खास एंटी-हाईजैकिंग यूनिट में थी. इस वर्ष 11 जनवरी को उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद, केंद्र ने एहतियाती तौर पर हवाई अड्डे की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी.



दविंदर सिंह और नवीद मुश्ताक के खिलाफ दायर की गई 3,064 पेज की चार्जशीट
3,064 पृष्ठ की चार्जशीट, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जम्मू की अदालत में दायर की गई है. इसमें सिंह के साथ आरोपियों में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादी समूह के स्वयंभू कमांडर नवीद मुश्ताक उर्फ ​​नवीद बाबू और उनके कथित साथियों के नेटवर्क के नाम हैं.

जिन अन्य के नाम इसमें हैं, वे नवीद के भाई सैयद इरफान अहमद के साथ-साथ ग्रुप के कथित ओवरग्राउंड वर्कर इरफान शफी मीर, कथित साथी रफी अहमद राथर और लाइन ऑफ कंट्रोल ट्रेडर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तनवीर अहमद वानी हैं.

2019 के अंत से दे रहे थे खुफिया जानकारियां
चार्जशीट में, एनआईए ने उसकी भूमिका का विवरण देते हुए कहा कि सिंह "सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के कुछ अधिकारियों के संपर्क में थे. जांच में पता चला कि उन्हें संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा तैयार किया जा रहा था".

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आरोप पत्र में 3,017 मौखिक और दस्तावेजी सबूत शामिल हैं, पाकिस्तान उच्चायोग में अपने संपर्कों के बारे में और उनके द्वारा साझा की गई जानकारी के बारे में जानकारी देते हैं. अधिकारियों ने कहा कि वह 2019 के अंत से "संवेदनशील जानकारी" साझा कर रहे थे, लेकिन इसके आगे के जानकारी देने से उन्होंने इनकार कर दिया.
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