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शुभेंदु अधिकारी का TMC पर निशाना, कहा- मैं पहले भारतीय हूं, फिर बंगाली

अधिकारी ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है और पिछले कुछ महीनों में पार्टी से दूरी बना ली है. (File Photo)
अधिकारी ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है और पिछले कुछ महीनों में पार्टी से दूरी बना ली है. (File Photo)

West Bengal Elections 2021: अधिकारी ने कहा कि बंगाल भारत का ही हिस्सा है और "अन्य राज्यों से यहां आने वाले लोगों को बाहरी नहीं माना जा सकता है."

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हल्दिया (पश्चिम बंगाल). तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के अंसतुष्ट नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने मंगलवार को स्थानीय और बाहरी लोगों के संबंध में चल रही बहस को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को बाहरी नहीं कहा जा सकता. अधिकारी के अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगायी जा रही हैं और उनकी यह टिप्पणी भाजपा (BJP) के विचारों के करीब है. अधिकारी ने राज्य मंत्रिमंडल (State Cabinet) से इस्तीफा दे दिया है और पिछले कुछ महीनों में पार्टी से दूरी बना ली है.

पूर्व मंत्री ने कहा कि वह पहले भारतीय हैं और फिर बंगाली हैं. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की भी आलोचना करते हुए कहा कि वह लोगों की अपेक्षा पार्टी को अधिक महत्व दे रहा है. अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में स्वतंत्रता सेनानी सतीश चंद्र सामंत की जयंती पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे.

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भाजपा का पक्ष लेते हुए टीएमसी पर साधा निशाना
इस मौके पर अधिकारी ने कहा कि बंगाल भारत का ही हिस्सा है और "अन्य राज्यों से यहां आने वाले लोगों को बाहरी नहीं माना जा सकता है." पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल अक्सर भाजपा द्वारा विधानसभा चुनावों की तैयारी के सिलसिले में अन्य राज्यों से अपने नेताओं को यहां भेजने की आलोचना करती रही है.

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे लिए, हम पहले भारतीय हैं और उसके बाद बंगाली. सतीश चंद्र सामंत मेदिनीपुर के एक दिग्गज सांसद थे. यहां तक ​​कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी उनका बहुत सम्मान करते थे. न तो सतीश चंद्र सामंत ने कभी नेहरू को बाहरी कहा और न ही नेहरू ने उन्हें कभी गैर-हिंदी भाषी सांसद कहा. दोनों के बीच परस्पर सम्मान था.’’

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स्वतंत्रता सेनानी सामंत तीन दशकों से अधिक समय तक संसद के सदस्य रहे.

नंदीग्राम से विधायक अधिकारी ने कहा कि जो लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें 2021 के विधानसभा चुनावों में उचित जवाब मिलेगा.
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