कश्मीर मुद्दे की गंभीरता को न माने जाने तक नहीं हो सकती बातचीत: गिलानी

कश्मीर मुद्दे की गंभीरता को न माने जाने तक नहीं हो सकती बातचीत: गिलानी
सांसदों के एक समूह से मिलने से इनकार करने के तीन दिन बाद हुर्रियत कान्फ्रेंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने बुधवार को कहा कि नई दिल्ली के साथ वार्ताएं तब तक विफल होती रहेंगी जब तक कश्मीर मुद्दे की गंभीरता को नहीं माना जाता।

सांसदों के एक समूह से मिलने से इनकार करने के तीन दिन बाद हुर्रियत कान्फ्रेंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने बुधवार को कहा कि नई दिल्ली के साथ वार्ताएं तब तक विफल होती रहेंगी जब तक कश्मीर मुद्दे की गंभीरता को नहीं माना जाता।

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श्रीनगर। सांसदों के एक समूह से मिलने से इनकार करने के तीन दिन बाद हुर्रियत कान्फ्रेंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने बुधवार को कहा कि नई दिल्ली के साथ वार्ताएं तब तक विफल होती रहेंगी जब तक कश्मीर मुद्दे की गंभीरता को नहीं माना जाता।

गिलानी ने यहां दरगाह और नूरबाग में सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा स्पष्ट और सामान्य सा रुख है कि जब तक कश्मीर मुद्दे की गंभीरता को नहीं माना जाता तब तक कोई भी चर्चा या बातचीत विफल होती रहेगी। वह इन सभाओं को टेलीफोन के माध्यम से अपने घर से संबोधित कर रहे थे जहां वह नजरबंद हैं।

उनकी यह टिप्पणी उस घटना के तीन दिन बाद आई है जब उन्होंने चार सांसदों के लिए अपने घर का दरवाजा तक नहीं खोला था।ये सांसद कश्मीर में जारी अशांति के खात्मे के लिए गिलानी से मिलना चाहते थे।
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