ममता का व्हील चेयर कैंपेन: सहानुभूति मिली या फिर व्यक्तिगत करिश्मा भी खत्म हुआ?

ममता बनर्जी पिछले तकरीबन एक महीने से व्हील चेयर पर चुनाव प्रचार कर रही हैं. (तस्वीर-MamataBanerjeeOfficial Facebook)

ममता बनर्जी पिछले तकरीबन एक महीने से व्हील चेयर पर चुनाव प्रचार कर रही हैं. (तस्वीर-MamataBanerjeeOfficial Facebook)

दस मार्च को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को नंदीग्राम (Nandigram) में चुनाव प्रचार के दौरान चोट लग गई थी. दो दिन बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज (Discharge) कर दिया गया और उसके बाद उन्होंने व्हील चेयर पर ही चुनाव प्रचार (Wheel Chair Campaign) शुरू किया. इसके बाद ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमले तेज कर दिए.

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  • Last Updated: April 10, 2021, 7:59 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) बीते तकरीबन एक महीने से लगातार व्हील चेयर पर ही चुनाव प्रचार (Wheel Chair Campaign) कर रही हैं. इस दौरान वो सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नामक लेकर हमले करती रही हैं. उनकी ये स्टाइल बीते साल दिल्ली में जबरदस्त तरीके से चुनाव जीतने वाले अरविंद केजरीवाल से बिल्कुल उलट है.

बीते दस मार्च को ममता बनर्जी को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान चोट लग गई थी. दो दिन बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया और उसके बाद उन्होंने व्हील चेयर पर ही चुनाव प्रचार शुरू किया. इसके बाद ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमले तेज कर दिए. यहां तक कि उन्होंने बीजेपी पर अपनी हत्या तक के आरोप मढ़े. लेकिन क्या इससे ममता बनर्जी को चुनाव में कोई फायदा होने वाला है? इतिहास तो कुछ और ही कहता है. हां बीजेपी का भी ये मानना है कि व्हील चेयर कैंपेन की वजह से ममता कोई सहानुभूति नहीं जीत पाईं.

अरविंद केजरीवाल ने अपनाई थी ये स्ट्रेटजी

अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने पूर्व के अनुभवों से यह पाया कि राज्य के चुनाव प्रचार के दौरान सीधे पीएम मोदी पर हमले का कोई फायदा नहीं है. बीते वर्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार को दौरान केजरीवाल ने सीधे पीएम मोदी पर कोई बयानबाजी नहीं की. उन्होंने पूरा चुनाव प्रचार बीजेपी के पास सीएम फेस न होने पर केंद्रित रखा. साथ ही अपने विकास के एजेंडा को फोकस में रखा.
अपने खिलाफ बयानबाजी का रुख मोड़ देते हैं पीएम मोदी

पूर्व के चुनावों को देखें तो दरअसल नरेंद्र मोदी अपने खिलाफ की गई बयानबाजी का रुख मोड़ देने में सक्षम दिखाई देते हैं. याद कीजिए 2019 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी द्वारा दिए गए 'चौकीदार चोर है' नारे का क्या हुआ? इसके बाद बीजेपी की तरफ से 'मैं भी चौकीदार' नाम के नारे का महाप्रचार किया गया. इसी तरह पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सीधे पीएम मोदी का नाम ले रही हैं. पीएम ने एक रैली के दौरान इसका जवाब भी दिया. उन्होंने कहा- आखिर क्यों दीदी मुझे गालियां दे रही हैं? इसमें उनकी हार की निराशा दिखाई देती है.

व्हील चेयर कैंपने का क्या हुआ फायदा



ममता के व्हीलचेयर कैंपने की बात करें तो उन्हें ऐसा करते हुए एक महीने बीत चुके हैं. इस दौरान उन्होंने रैलियां और रोड शो व्हील चेयर पर ही किए. आलोचकों का कहना है कि स्पष्ट तौर पर दिखता है कि ममता मतदाताओं की सहानुभूति लूटना चाहती हैं.

(AMAN SHARMA की ये पूरी स्टोरी मूल रूप में अंग्रेजी में है. इसे यहां क्लिक कर पढ़ा जा सकता है.)
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