फडणवीस के अजीबोगरीब बोल-दिल्ली से लौटे तबलीगी जमात के सदस्य मानव बम समान

फडणवीस के अजीबोगरीब बोल-दिल्ली से लौटे तबलीगी जमात के सदस्य मानव बम समान
महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना केस पर देवेंद्र फडणवीस ने जताई चिंता.

सरकार के मुताबिक तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के मरकज (Markaz) में शामिल होकर विभिन्न राज्यों में लौटे लोगों की वजह से कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई.

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मुंबई. भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadanvis) ने पिछले महीने दिल्ली के तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के निजामुद्दीन (Nizamuddin) में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वालों को ‘‘मानव बम’’ करार दिया जो बड़ी आबादी में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण फैला सकते हैं. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने मरकज (Markaz) में शामिल होने वाले लोगों का पता लगा उनकी जांच करने की मांग की.

राज्यपाल से मिलकर जारी किया वीडियो संदेश
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshiyari) से मुलाकात के बाद बुधवार को जारी वीडियो संदेश में फडणवीस ने कहा, ‘‘नई दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में कोरोना वायरस से संक्रमित होकर आए लोग ‘मानव बम’ जैसे हैं. वे बड़ी आबादी को संक्रमित कर सकते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह जरूरी है कि इन लोगों का पता लगाया जाए और इलाज किया जाए.’’
सरकार के मुताबिक तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होकर विभिन्न राज्यों में लौटे लोगों की वजह से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई.



महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने साधा केंद्र पर निशाना
उधर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देखमुख (Home Minister Anil Deshmukh) ने राजधानी दिल्ली में आयोजित तबलीगी जमात के कार्यक्रम को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए बुधवार को सवाल किया कि धार्मिक कार्यक्रम से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जाना चाहिए.

देशमुख ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल (Anil Doval) ने जमात नेता मौलाना साद से उस दौरान देर रात दो बजे मुलाकात की थी जब कार्यक्रम आयोजित हुआ था. उन्होंने दोनों के बीच हुई ‘‘गुप्त’’ बातचीत की प्रकृति पर सवाल उठाया.

देशमुख ने यह भी सवाल किया कि डोभाल को देर रात साद से मिलने के लिए किसने भेजा था. उन्होंने सवाल किया, ‘‘जमात सदस्यों से सम्पर्क करना एनएसए का काम था या दिल्ली पुलिस आयुक्त का?"

एनसीपी के वरिष्ठ नेता ने केंद्र सरकार पर जमात को धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने का आरोप लगाते हुए आठ सवाल किये और आरोप लगाया कि जमात के साथ सरकार के संबंध हैं.

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