तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण देगा ISI की गतिविधियों की जानकारी: सरकारी वकील उज्ज्वल निकम

शिकागो अमेरिका का व्यापारी तहव्वुर राणा शिकागो की फेडरल कोर्ट में जज मैथ्यू केनली के सामने पेश हुआ (फोटो क्रेडिट- AP)
शिकागो अमेरिका का व्यापारी तहव्वुर राणा शिकागो की फेडरल कोर्ट में जज मैथ्यू केनली के सामने पेश हुआ (फोटो क्रेडिट- AP)

तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) को लॉस एंजिलिस (Los Angeles) में 10 जून को भारत की ओर से प्रत्यर्पण (Extradition) की गुजारिश के बाद फिर से गिरफ्तार किया था. भारत की गुजारिश में उसे भगोड़ा घोषित किया गया था.

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नई दिल्ली. पाकिस्तानी मूल (Pakistan Origin) के कनाडाई व्यापारी (Canadian Businessman) तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) का प्रत्यर्पण (Extradition) ISI की गतिविधियों के बारे में और जानकारी देगा. शनिवार को यह बात विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम (special public prosecutor Ujjwal Nikam) ने कही. हाल ही में राणा को अमेरिका (America) में 26/11 आतंकी हमलों में उसके शामिल होने के चलते फिर से गिरफ्तार किया गया है.

राणा को लॉस एंजिलिस (Los Angeles) में 10 जून को भारत की ओर से प्रत्यर्पण की गुजारिश के बाद फिर से गिरफ्तार किया था. भारत की गुजारिश में उसे भगोड़ा घोषित किया गया था. 26/11 आतंकी हमले (26/11 Terrorist Attack) में विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम (Ujjwal Nikam) ने कहा, राणा पर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बड़ा आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप हैं.

हेडली ने कहा था- राणा को 26/11 के मुंबई हमलों के षड्यंत्र की पूरी जानकारी थी
निकम ने कहा, "पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने वीडियो लिंक के जरिए एक कोर्ट के सामने दिए बयान में माना था कि राणा को 26/11 के मुंबई हमलों के षड्यंत्र की पूरी जानकारी थी."
उन्होंने यह भी कहा कि हेडली ने यह भी स्वीकार किया था कि राणा उसे पैसे दिया करता था. निकम के मुताबिक, हेडली ने इसके बाद लश्कर-ए-तैयबा (LET) की गतिविधियों में शामिल होने और उनके ISI से संबंधों के बारे में भी 'संवेदनशील खुलासे' किए थे.



कोरोना संक्रमित पाये जाने का राणा ने किया था दावा, इसलिए हुआ था रिहा
मुंबई में 2008 में हुए आतंकवादी हमलों में संलिप्तता के मामले में पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पित किए जाने के भारत के अनुरोध पर राणा को लॉस एंजिलिस में पुन: गिरफ्तार किया गया.

अमेरिकी अभियोजकों ने यह जानकारी दी. राणा (59) को अनुकंपा के आधार पर हाल में जेल से रिहा किया गया था. उसने अदालत को बताया था कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया था.

अभियोजकों ने बताया कि भारत ने उसे प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया था. इसके बाद उसे 10 जून को फिर से गिरफ्तार किया गया. भारत में राणा को भगोड़ा घोषित किया गया है.

भारत ने प्रत्यर्पण के लिए गिरफ्तार किए जाने का किया था अनुरोध
मुंबई में हुए आतंकी हमलों में 166 लोग मारे गए थे. अमेरिका के सहायक अटॉर्नी जॉन जे लुलेजियान ने अदालत को बताया कि भारत सरकार ने 1997 के द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत राणा को प्रत्यर्पित करने के लिए उसे गिरफ्तार किए जाने का अनुरोध किया था.

लुलेजियान ने बताया कि भारत ने अमेरिका को सूचित किया कि राणा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 और धारा 120 बी समेत कई धाराओं के तहत अभियोग चल रहा है.

राणा के वकील से 22 जून तक याचिका दायर करने और 26 जून तक जवाब देने को कहा गया
राणा पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्ट का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करने का षड्यंत्र रचा. उसे 11 जून को अदालत में पेश किया गया.

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कैलिफोर्निया सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की अमेरिका डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में न्यायाधीश जैक्लीन चूलजियान ने राणा के खिलाफ मामला लंबित रहने तक उसे रिहा करने या नहीं करने के मामले पर सुनवाई के लिए 30 जून की तारीख तय की है. राणा के वकील से 22 जून तक याचिका दायर करने और संघीय सरकार को 26 जून तक इसका जवाब देने को कहा गया हैं.

राणा के खिलाफ भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने 28 अगस्त, 2018 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
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