नरम पड़ा वक्‍फ बोर्ड, ताजमहल का असली मालिक खुदा को बताया

इस पर एएसआई ने अधिकारियों से निर्देश लेने के लिए वक्त मांगा. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई निर्धारित कर दी गई है.


Updated: April 17, 2018, 12:02 PM IST
नरम पड़ा वक्‍फ बोर्ड, ताजमहल का असली मालिक खुदा को बताया
Tajmahal

Updated: April 17, 2018, 12:02 PM IST
ताजमहल पर मालिकाना हक जताने वाले सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने दावेदारी पर नरम रुख अपनाया है. वक़्फ़ बोर्ड ने कहा कि ताजमहल का असली मालिक खुदा है, जब कोई संपत्‍ति वक़्फ़ को दी जाती है तो वो खुदा की संपत्‍ति बन जाती है. इससे पहले वक़्फ़ बोर्ड का दावा था कि वो ताजमहल का मालिक है. आज वक़्फ़ बोर्ड ने कहा कि उन्हें एएसआई की ताजमहल की देख रेख जारी रखने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन नमाज और उर्स जारी रखने का अधिकार बरकरार रहे. इस पर एएसआई  ने अधिकारियों से निर्देश लेने के लिए वक्त मांगा. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई निर्धारित कर दी गई है.

गौरलतब है कि ताजमहल पर मालिकाना हक जताने वाले सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट ने दिलचस्प आदेश देते हुए कहा था कि वक्फ़ बोर्ड इस मामले में पहले मुगल शहंशाह शाहजहां का दस्तख़त लेकर आए. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शाहजहां का दस्तख़त लाने के लिए वक्फ़ बोर्ड को एक हफ्ते का समय दिया गया है. बता दें कि दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल को बनाने के 18 साल बाद शाहजहां की मौत हो गई थी. उन्होंने अपनी पत्नी मुमताज की याद में यह मकबरा बनवाया था.

2010 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने वक्फ बोर्ड के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में जुलाई 2005 के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें ताजमहल को वक्फ़ बोर्ड की संपत्ति बताया गया था.
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