कर्नाटक पर कांग्रेस ने चली नई चाल, गोवा-मणिपुर और बिहार-मेघालय में BJP को ऐसे घेरा

कर्नाटक की तर्ज पर कांग्रेस ने गोवा, मणिपुर, मेघालय में बीजेपी सरकार को चैलेंज किया है. जबकि, बिहार में लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में आरजेडी भी सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में राज्यपाल को कर्नाटक की तर्ज पर आरजेडी को सरकार बनाने का मौका देना चाहिए.


Updated: May 17, 2018, 7:32 PM IST
कर्नाटक पर कांग्रेस ने चली नई चाल, गोवा-मणिपुर और बिहार-मेघालय में BJP को ऐसे घेरा
कर्नाटक की तर्ज पर कांग्रेस ने गोवा, मणिपुर, मेघालय में बीजेपी सरकार को चैलेंज किया है. जबकि, बिहार में लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में आरजेडी भी सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में राज्यपाल को कर्नाटक की तर्ज पर आरजेडी को सरकार बनाने का मौका देना चाहिए.

Updated: May 17, 2018, 7:32 PM IST
कर्नाटक में मंगलवार से चल रहे हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) बीजेपी ने सरकार बना ली. गुरुवार को बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद चार राज्यों में विपक्ष ने विरोधी सुर बुलंद कर दिए हैं. गोवा, मणिपुर, बिहार और मेघालय में विपक्ष बीजेपी को उसी की चाल पर घेरने की कोशिश में जुट गई है.

कर्नाटक की तर्ज पर कांग्रेस ने गोवा, मणिपुर, मेघालय में बीजेपी सरकार को चैलेंज किया है. जबकि, बिहार में लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में आरजेडी भी सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में राज्यपाल को कर्नाटक की तर्ज पर आरजेडी को सरकार बनाने का मौका देना चाहिए.

गोवा में कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है. मणिपुर में पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह, मेघालय में पूर्व सीएम मुकुल संगमा ने भी राज्यपाल से मिलने का अप्वॉइंटमेंट मांगा है.

क्यों हो रहा विरोध?

दरअसल, इन चारों राज्यों में हुए चुनावों में विपक्ष सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. लेकिन, बीजेपी ने विधायकों को जोड़-तोड़कर या फिर छोटी पार्टियों के साथ गठजोड़ कर सरकार बना ली. अब कांग्रेस समेत विपक्ष की दूसरी पार्टियां कर्नाटक का हवाला देकर बीजेपी को उसी की चाल पर घेरने की कोशिश कर रही है.

क्या है कर्नाटक का फॉर्मूला?
कर्नाटक में बीते शनिवार को चुनाव हुए. चुनाव के नतीजे में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला. बीजेपी को 104 सीटें मिली, कांग्रेस को 78 सीटें ही मिल पाई. जेडीएस 37 सीटों पर सिमट गई. नतीजे आने के बाद नाटकीय घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर लिया. कांग्रेस-जेडीएस नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा भी किया. लेकिन, ऐन वक्त पर बीजेपी ने बाजी मार ली. राज्यपाल ने सिंगल लारजेस्ट पार्टी के आधार पर बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दे दिया. पूरे मामले को लेकर बुधवार देर रात कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी गई. पूरी रात मामले की सुनवाई के बाद तीन जजों की बेंच ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

गोवा में क्या हुआ था?
गोवा में कांग्रेस 16 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर रही थी. बीजेपी ने 14 सीटों पर कब्जा जमाया था और अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बना ली थी.

मणिपुर में क्या हुआ था?
मणिपुर में कुल 60 सीटें हैं, यानी बहुमत के लिए 31 सीटें चाहिए थीं. कांग्रेस ने 28 और बीजेपी ने 21 सीटें जीतीं थीं. लेकिन बीजेपी ने एनपीपी समेत अन्य दलों के साथ सरकार बना ली.

मेघालय में भी यही हुआ
गोवा-मणिपुर के बाद मेघालय में भी ऐसा ही हुआ. यहां कांग्रेस ने 20 सीटें जीतीं थी, वहीं बीजेपी ने केवल 2 सीटें. इसके बावजूद एनपीपी के नेतृत्व में 6 दलों के साथ बीजेपी ने सरकार बना ली.

बिहार में भी लगा था झटका
बिहार में आरजेडी को बीजेपी ने झटका दिया था. आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन बीजेपी ने बाकी दलों से गठजोड़ कर सरकार बना ली.

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