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दुनिया भर में ड्रग्स की तस्करी के लिए पाकिस्तान कर रहा तालिबान की मदद

पाकिस्तान ड्रग्स की तस्करी के काले कारोबार में तालिबान की मदद कर रहा है. (AP)

पाकिस्तान ड्रग्स की तस्करी के काले कारोबार में तालिबान की मदद कर रहा है. (AP)

अफगानिस्तान की सत्ता हाथ में आने के बाद तालिबान दुनिया के सामने ड्रग्स की स्मगलिंग वाली अपनी छवि को बदलना चाहता है. लिहाज़ा उसने सीधे तौर पर इसकी सप्लाई न कर पाकिस्तान की मदद से तुर्की के रास्ते दुनिया भर में ड्रग्स की सप्लाई की प्लानिंग की है.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. ड्रग्स की वैश्विक तस्करी के लिए तालिबान जो ड्रग्स/नारकोटिक्स बाहर भेज रहा है, वो पाकिस्तान के सैन्य और सिविलियन एयरक्राफ्ट के जरिये तुर्की पहुंचाया जा रहा है, जहां से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ड्रग्स भेजा जा रहा है. तालिबान के लिए ड्रग्स की तस्करी पैसे का बड़ा स्रोत रही है. एक अनुमान के मुताबिक सत्ता पर क़ाबिज़ होने से पहले ड्रग्स ट्रेड से तालिबान को होने वाली आमदनी 2 बिलियन यानी 200 करोड़ थी. सत्ता पर क़ाबिज़ होने के बाद तालिबान इसे बढ़ाना चाहता है.

दूसरी ओर अफगानिस्तान की सत्ता हाथ में आने के बाद तालिबान दुनिया के सामने ड्रग्स की स्मगलिंग वाली अपनी छवि को बदलना चाहता है. लिहाज़ा उसने सीधे तौर पर इसकी सप्लाई न कर पाकिस्तान की मदद से तुर्की के रास्ते दुनिया भर में ड्रग्स की सप्लाई की प्लानिंग की है. इस काम में उसे पाकिस्तानी सेना और ख़ुफ़िया एजेंसी ISI की पूरी मदद मिल रही है. पाकिस्तान इस मकसद के लिए तुर्की के साथ अपने अच्छे रिश्ते का इस्तेमाल कर रहा है.

इसके अलावा तालिबान कुख्यात ड्रग तस्कर हाज़ी बशीर नूरज़ाई की रिहाई के लिए भी अमेरिका से बार्गेन कर रहा है. तालिबान को लगता है कि हाज़ी बशीर मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में ड्रग्स तस्करी के काम में काफी कारगर साबित हो सकता है और तालिबान के पैसे की जरूरत को पूरा कर सकता है.

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अमेरिका की जेल में बंद है हाजी बशीर
तालिबान जनवरी 2020 में अफगानिस्तान पाकिस्तान बॉर्डर से अगवा किये गए अमेरिकी कांट्रेक्टर मार्क फ़्रेरिच के एवज में हाज़ी बशीर की रिहाई का सौदा कर रहा है. बशीर के अल कायदा से जुड़े, अफ्रीका में सक्रिय आतंकी संगठन अल शबाब से नज़दीकी रिश्ते रहे हैं, जिसका इस्तेमाल तालिबान आतंकी संगठनों को हथियार बेचकर और उनके जरिये ड्रग्स की सप्लाई करवाकर पैसे कमाने के लिए कर सकता है. 2009 से बशीर ड्रग तस्करी के मामले में अमेरिका में ही उम्र कैद की सज़ा काट रहा है.

अफगानिस्तान के सीनियर काउंटर टेरर एक्सपर्ट अज़मल सोहेल के मुताबिक “एक ओर तालिबान जहां काबुल एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाकों से ड्रग्स की खेप को पकड़कर इसकी तस्करी पर लगाम लगाने का दिखावा कर रहा है तो दूसरे ओर पुराने ढर्रे पर चलते हुए बड़े पैमाने पर ड्रग्स की ग्लोबल स्मगलिंग के जरिये पैसे कमाने में जुटा है.”

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सूत्रों के मुताबिक आर्थिक मदद के लिए तालिबान की नई हुकूमत ने पाकिस्तान को एप्रोच किया था लेकिन पाकिस्तान जैसे आर्थिक तौर से दिवालिया देश ने पैसे से तालिबान की मदद करने में असमर्थता जताई. लेकिन पाकिस्तान ड्रग्स की तस्करी के काले कारोबार में तालिबान की मदद जरूर कर रहा है.

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