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अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी, क्या पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है?

अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी, क्या पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है?

अफगानिस्तान के गजनी में हथियार के साथ निगरानी करता एक तालिबानी लड़ाका.  (Reuters/14 August 2021)

अफगानिस्तान के गजनी में हथियार के साथ निगरानी करता एक तालिबानी लड़ाका. (Reuters/14 August 2021)

Taliban in Afghanistan Threat For Pakistan: 2014 के ज़र्ब-ए-अज़्ब ऑपरेशन के बाद TTP की कमर टूट गई थी, लेकिन अब के बदले हालात में TTP के दोबारा मज़बूत होने की आशंका जताई जा रही है.

नई दिल्ली. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए परेशानी बढ़ा सकती है. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान राज से कई आतंकी संगठनों के हौसले बुलंद हो गए हैं, जिनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी भी शामिल है. आपको बात दें कि TTP पाकिस्तान में सबसे खतरनाक आतंकी संगठन माना जाता है. पाकिस्तान तालिबान यानी TTP ने 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल समेत कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के पीछे भी TTP का हाथ बताया जाता है.

माना जाता है कि तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा करते समय कई जेलों को खाली कराया था, जिसमें मौलवी फ़क़ीर अहमद समेत TTP के बड़े आतंकियों की रिहाई हुई थी. 2014 के ज़र्ब-ए-अज़्ब ऑपरेशन के बाद TTP की कमर टूट गयी थी, लेकिन अब के बदले हालात में यानी अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद TTP के दोबारा मज़बूत होने की आशंका जताई जा रही है.

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पाकिस्तान ने वांटेड TTP आतंकियों की लिस्ट अखुंदज़ादा को सौंपी
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में तालिबान के सबसे बड़े नेता हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा को TTP से जुड़े मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट सौंपी जो अब अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन से ऑपरेट करते हैं. पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान तालिबान से मांग की है कि इन आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जानी चाहिए. हालांकि तालिबान के कब्ज़े के बाद वो बार-बार कह चुका है कि अफगानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल किसी और मुल्क के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं किया जाएगा. साथ ही तालिबानी नेता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने हाल ही में बयान दिया कि TTP का मुद्दा पाकिस्तान को खुद सुलझाना होगा, अफ़ग़ानिस्तान को नहीं.

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पाकिस्तान कर सकता है TTP कैंप पर हमला
पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया कि अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के आने से TTP और कमज़ोर होगा, मज़बूत नहीं. सूत्रों ने कहा कि अब वो ज़रूरत पड़ने पर पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की सीमा के करीब TTP के आतंकी कैम्पों पर हमला भी कर सकते हैं.

TTP ने अफ़ग़ान तालिबान को दी थी बधाई
काबुल पर कब्ज़े के बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने अफ़ग़ान तालिबान को बधाई दी थी. TTP के अमीर नूर वली ने तालिबानी नेता हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा को बधाई संदेश भेजा, साथ ही अपना समर्थन जताया. माना जाता है कि नूर वली के अफ़ग़ान तालिबान, हक़्क़ानी नेटवर्क और अल कायदा से करीबी संबंध हैं. ख़बर यह भी है कि अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर शरणार्थियों की भीड़ में TTP के आतंकी भी हो सकते हैं.

Tags: Afghanistan, Pakistan, Taliban

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