Tamil Nadu Assembly Election 2021: 'बोडिनायाकन्नूर' में हैट्रिक लगाएंगे ओ पन्नीरसेल्वम!

ओ पन्नीरसेल्वम की किस्मत का फैसला आज होगा. फाइल फोटो

ओ पन्नीरसेल्वम की किस्मत का फैसला आज होगा. फाइल फोटो

ओ पन्नीरसेल्वम (O. Panneerselvam) बोडिनायाकन्नूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उनका मुकाबला द्रमुक के थंगा तमिल सेल्वन (Thanga Tamil Selvan) से है. वे इस सीट पर साल 2011 और साल 2016 में चुनाव जीत चुके हैं.

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चेन्नई. तमिलनाडु (Tamil Nadu) की 'अम्मा' यानी जयललिता (J. Jayalalithaa) के सबसे विश्वस्त सहयोगी में अगर किसी की नाम सामने आता है तो वह हैं ओ पन्नीरसेल्वम (O. Panneerselvam). ओ पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री हैं और अन्नाद्रमुक के संयुक्त समन्वयक हैं. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021 (Tamil Nadu Assembly Election 2021) में ओ पन्नीरसेल्वम बोडिनायाकन्नूर विधानसभा सीट से फिर चुनाव लड़ रहे हैं. उनका मुकाबला द्रमुक के थंगा तमिल सेल्वन (Thanga Tamil Selvan) से है. वे इस सीट पर साल 2011 और साल 2016 में चुनाव जीत चुके हैं.

2016 में ओ. पन्नीरसेल्वम ने दर्ज की थी जीत

2016 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर AIADMK के ओ. पन्नीरसेल्वम ने जीत दर्ज की थी. वे इस समय राज्य के उप मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और डीएमके के प्रत्याशी एस. लक्ष्मणनन (S. Lakshmanan) को 15608 वोटों से पराजित किया था.

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6 अप्रैल को हुई थी वोटिंग

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021 (Tamil Nadu Assembly Election 2021) की बोडीनायकनुर विधानसभा सीट (Bodinayakanur Assembly Seat) पर मंगलवार 6 अप्रैल 2021 को वोट डाले गए थे. तमिलनाडु में एक ही चरण में चुनाव हुआ था.

मतदाताओं की संख्या



इस सीट पर मतदाताओं की कुल संख्या 257500 है. इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 127559 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 129928 है. साल 2016 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 78.36 प्रतिशत मतदान हुआ था.

जयललिता के विश्वास ने बनाया था CM

जयललिता को जब-जब कानूनी बंदिशों के चलते मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा, पन्नीरसेल्वम ही केयरटेकर चीफ मिनिस्टर रहे. साल 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक सम्पत्ति मामले में जयललिता को किसी भी पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था. इसके चलते जयललिता के इस्तीफा देना पड़ा. तब कार्यवाहक मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम को बनाया गया. साल 2014 में आय से अधिक सम्पत्ति मामले में जब जयललिता को जेल जाने की नौबत आयी तो उससे पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया, तब जयललिता ने एक बार फिर पन्नीरसेल्वम पर ही भरोसा जताया और उन्हें सीएम की कुर्सी सौंप दी थी.

ऐसे में देखना यह है कि तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन होगा या फिर एक बार फिर जनता एआईडीएमके के नेतृत्व वाली सरकार को चुनेगी.
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