जयराज-बेनिक्स के शव पर पिटाई के निशान, पुलिस पर केस दर्ज करने के पुख्ता सुबूत- मद्रास HC

जयराज-बेनिक्स के शव पर पिटाई के निशान, पुलिस पर केस दर्ज करने के पुख्ता सुबूत- मद्रास HC
जयराज और बेनिक्स की फाइल फोटो

Justice For Jairaj and bennix: तमिलनाडु के तूतीकोरीन में पी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को अपनी मोबाइल फोन की दुकान समय सीमा के बाद खोलकर लॉकडाउन के नियमों का ‘उल्लंघन’ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

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चेन्नई. तमिलनाडु (Tamil nadu) में पिता और पुत्र की न्यायिक हिरासत में मौत के मामले में मद्रास हाईकोर्ट  (Madras Highcourt) ने एक गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जयराज और उनके बेटे बेनिक्स के शरीर पर हमले के निशान पाए गए हैं. हाईकोर्ट ने कहा - 'प्रथमदृष्टया उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के पुख्ता सबूत हैं जिन्होंने पिता और पुत्र दोनों पर हमला किया.'

बता दें तूतीकोरीन में पी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को अपनी मोबाइल फोन की दुकान समय सीमा के बाद खोलकर लॉकडाउन के नियमों का ‘उल्लंघन’ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनके रिश्तेदारों ने आरोप लगाए कि पुलिसकर्मियों ने सातनकुलम थाने में उनकी बुरी तरह की पिटाई की.

पीठ पर चोट के निशान, घुटने सूजे हुए लेकिन चेहरे पर दाग तक नहीं!
इस घटना की राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई जिसके बाद दो उपनिरीक्षकों, एक निरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इस मामले में मद्रास हाइकोर्ट ने आदेश दिया था कि दोनों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई जाए. वहीं राज्य के सीएम पलानीस्वामी ने दोनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था.



बता दें इस घटना के बाद मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने रिपोर्ट मांग ली थी. वहीं जेल अधिकारियों ने भी कहा था कि जब उन्हें जेल लाया गया तो उनके शरीर से खून बह रहा था. बेनिक्स को 22 जून को शाम करीब सात बज कर 45 मिनट पर जेल अधिकारियों द्वारा कोविलपट्टी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और रात नौ बजे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. वहीं पिता जयराज को भी उसी दिन रात करीब साढे़ दस बजे उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 23 जून की सुबह पांच बजकर 40 मिनट पर उनकी मौत हो गई थी.



उप-जेल के डॉक्टर ने बदली रिपोर्ट
बता दें जब दोनों को कोविल पट्टी जेल भेजा गया तभी इनकी हालत ठीक नहीं थी. News18 को मिली जानकारी के अनुसार जेल और अस्पताल के अधिकारी ने कहा था-  'जब जयराज और बेनिक्स की कोविलपट्टी उप-जेल में जांच की गई तो मौके पर मौजूद डॉक्टर चौंक गए. दोनों की पीठ पर गंभीर चोटें आई थीं लेकिन उनके चेहरे पर कोई निशान नहीं था. इस दौरान बेनिक्स और जयराज कोविलपट्टी उप-जेल में अपने बैरक से डॉक्टर के कमरे तक आ सके थे. बेनिक्स के घुटने भी सूजे हुए थे.'

बताया गया, 'सोमवार को उप-जेल में सुबह 10:30 बजे मेडिकल परीक्षण के दौरान पिता-पुत्र पहुंचे तो  वहां मौजूद लोगों ने कहा- 'कोई इतनी गंभीर चोट कैसे सह सकता है? सतानकुलम सरकारी अस्पताल से पुलिस को दी गई रिपोर्ट उनके शरीर पर चोट को 'खरोंच' बताया गया. जिस पर कोविलपट्टी उप जेल के डॉक्टर ने ऐतराज जताया और रिपोर्ट बदल कर लिखा- 'उनके कूल्हों पर बुरी तरह चोट के निशान थे.'

ऑटो रिक्शा में ले गए अस्पताल
सोमवार शाम करीब 7:30 बजे मेडिकल परीक्षक को बेनिक्स के बारे में फोन आया. जेल अधिकारी ने उन्हें सूचित बताया कि बेनिक्स को बहुत पसीना आ रहा है और घबराहट हो रही है. बेनिक्स को एक ऑटोरिक्शा में अस्पताल ले जाया गया था और कुछ देर बाद, जेल अधिकारियों के पास फोन आया कि उनका निधन हो गया.

बेनिक्स के आखिरी समय में उनके साथ मौजूद डॉक्टर्स में से एक ने कहा कि 31 वर्षीय बेनिक्स सांस नहीं ले पा रहा था. उसे बहुत पसीना आ रहा ता लेकिन वह चलने में सक्षम था.

जयराज को तेज बुखार और हाई शुगर के चलते अस्पताल लाकर भर्ती किया गया था और बाद में यह पाया किया गया था कि उनका शुगर लेवल नीचे आ गया था. अस्पताल में मौजूद एक डॉक्टर ने कहा, 'अचानक सुबह उनकी भी  मृत्यु हो गई.' जब पीड़ितों को लाया गया था तो उन्होंने कहा कि दोनों के कूल्हे पर चोट के निशान देखे थे लेकिन डॉक्टर को पता नहीं था मलद्वार से भी खून बह रहा है.
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