तमिलनाडु सरकार ने BJP को दिया झटका, धार्मिक यात्रा की नहीं दी इजाजत

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी.

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दिया है कि वह बीजेपी को वेत्री वेल यात्रा (Vetri Vel Yatra) आयोजित करने की छूट नहीं दे सकती. यह यात्रा 6 नवंबर से 6 दिसंबर के बीच आयोजित की जानी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 8:02 PM IST
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चेन्नई. तमिलनाडु सरकार (Tamilnadu Government) ने राज्य बीजेपी (State BJP) को एक धार्मिक यात्र के संबंध में झटका दे दिया है. मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दिया है कि वह बीजेपी को वेत्री वेल यात्रा (Vetri Vel Yatra) आयोजित करने की छूट नहीं दे सकती. यह यात्रा 6 नवंबर से 6 दिसंबर के बीच आयोजित की जानी है. सरकार ने अपने इस निर्णय के पीछे कोरोना महामारी को जिम्मेदार बताया है और कहा है कि यात्रा के आयोजित होने से महामारी फैलने का खतरा है. कहा जा रहा है कि राज्य सरकार आधिकारिक तौर पर गुरुवार रात तक राज्य बीजेपी को भी इस संबंध में अपने निर्णय भेज देगी.

एक महीने की यात्रा
गौरतलब है कि राज्य बीजेपी भगवान मुरुगन को समर्पित यह यात्रा आयोजित करना चाहती है. कहा जा रहा है कि यह यात्रा बीजेपी राज्य में अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले हिंदू वोटरों को ध्यान में रखते हुए करना चाहती है. ये यात्रा 6 नवंबर को थिरुत्तानी से शुरू होकर 6 दिसंबर को थिरुचेंदूर में खत्म होनी है. रथयात्रा के स्वरूप वाली इस यात्रा में भगवान मुरुगन के 6 मंदिरों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इनमें राज्य में स्थित पलानी, स्वामीमलाई और पझालमुदिरचोलाई के मंदिर शामिल हैं.

यात्रा के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई
हाईकोर्ट इस यात्रा के संबंध में उन दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था जिनमें इस प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यात्रा की वजह से राज्य में कोरोना महामारी का असर बढ़ने का खतरा पैदा हो जाएगा. याचिकाकर्ताओं का यह भी तर्क था कि यह यात्रा 6 दिसंबर को समाप्त हो रही है. 6 दिसंबर को ही बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था. ऐसी स्थिति में राज्य में सांप्रदायिक तनाव की स्थित भी हो सकती है.





राज्य बीजेपी ने दिया जवाब
कोर्ट में राज्य बीजेपी अध्यक्ष एल मुरुगन की तरफ से तर्क दिया गया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक धार्मिक यात्रा निकालने पर कोई रोक नहीं है. कहा गया है कि यात्रा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी नियम फॉलो किए जाएंगे. याचिका पर फैसला सुनाते हुए चीफ जस्टिस अमरेश्वर प्रताप शाही और जस्टिस सेंथिल कुमार राममूर्ति की बेंच ने राज्य बीजेपी को राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देने की छूट दे दी है.
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