जयललिता के आवास के अधिग्रहण के लिए तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट में जमा किए 67 करोड़ रुपये

जयललिता के आवास के अधिग्रहण के लिए तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट में जमा किए 67 करोड़ रुपये
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की फाइल फोटो

चेन्नई (Chennai) की एक अदालत (Court) में मुआवजे के लिए 67.9 करोड़ रुपये जमा करने से राज्य सरकार के पूर्व AIADMK सुप्रीमो के आवास पर कब्जा करने और उसे स्मारक (memorial) में बदलने का मार्ग प्रशस्त होगा.

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चेन्नई. तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) ने शनिवार को दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता (Late Chief Minister J Jayalalitha) के पोस गार्डन निवास, वेदा निलयम, (Poes Garden residence, Veda Nilayam) को शनिवार को स्मारक (Memorial) में बदलने के अपने प्रयासों के तहत 67.9 करोड़ रुपये शहर के सिविल कोर्ट (Civil Court) में जमा किए.

सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक (AIADMK) ने कहा कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी (Chief Minister K Palaniswami) की 2017 में सत्ता संभालने के बाद की घोषणा के अनुसार 0.55 एकड़ में फैली संपत्ति (Property) को स्मारक में बदलना पार्टी की "जिम्मेदारी और अधिकार" है. अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और मत्स्य उद्योग मंत्री (Fisheries Minister) डी. जयकुमार ने संवाददाताओं से कहा, "हमने सिटी सिविल कोर्ट में 68 करोड़ रुपये जमा किए हैं. यह हमारा दायित्व है कि हम उनके घर को एक स्मारक बनाएं." उन्होंने कहा कि घर को स्मारक में तब्दील करना तमिलनाडु (Tamil Nadu) के लोगों और अन्नाद्रमुक पार्टी के कार्यकर्ताओं की 'पूरे दिल से की गई इच्छा' थी.

कानूनी उत्तराधिकारियों की ओर से इस कदम के विरोध की संभावना
शहर की एक अदालत में मुआवजे के लिए 67.9 करोड़ रुपये जमा करने से राज्य सरकार के पूर्व AIADMK सुप्रीमो के आवास पर कब्जा करने और उसे स्मारक में बदलने का मार्ग प्रशस्त होगा. हालांकि जयललिता की भतीजी और भतीजे जे दीपा और जे. दीपक, जिन्होंने इस संपत्ति पर अधिकार का दावा किया है, उनके इस कदम का विरोध करने की संभावना है.
सरकार का यह फैसला मद्रास हाईकोर्ट के मई में भाई-बहन दीपक और दीपा को लेकर सुनाए गये फैसले के बाद आया है. हाईकोर्ट के फैसले में दिवंगत नेता की बची हुई सारी संपत्ति पर दीपा और दीपक को द्वितीय श्रेणी के कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में अधिकार दिए गये थे.



कानूनी उत्तराधिकारी नुकसान भरपाई के लिए कर सकते हैं कोर्ट का रुख
बुधवार को दक्षिण चेन्नई की भूमि अधिग्रहण अधिकारी (LAO) / राजस्व विभागीय अधिकारी एस लक्ष्मी ओर से भूमि अधिग्रहण अवॉर्ड घोषित किया गया था, जिसमें कहा गया था कि वेदा निलयम को सरकार की ओर से उचित मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए पुनर्वास और पुनर्स्थापना अधिनियम, 2013 के तहत स्मारक में परिवर्तित करने के उद्देश्य से अधिग्रहण किया जाना है. आदेश में कहा गया था, "पूछताछ के दौरान, के माधवन, दीपा के पति, दीपक के वकील एसएल सुदर्शनम और आईटी के डिप्टी कमिश्नर अजय रॉबिन सिंह, एलएओ के सामने उपस्थित हुए."

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अधिकारी ने पाया था, कानूनी उत्तराधिकारियों ने जो आपत्तियां जताई थीं, वे यह थीं कि अधिग्रहण वेद निलयम को एक स्मारक में बदलने के लिए किया गया था. लेकिन यह (कदम) एक सार्वजनिक उद्देश्य की पूरा करेगा और यह सरकार का एक नीतिगत निर्णय भी है, जिसमें सरकार प्रतिष्ठित नेता की महिमा को दर्शाना चाहती है. इसमें कहा गया है कि उक्त 67.9 करोड़ रुपये शहर के सिविल कोर्ट के खाते में जमा होने चाहिए और कानूनी उत्तराधिकारी नुकसान भरपाई अदालत का रुख कर सकते हैं.
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