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तमिलनाडु: दलित ने दूसरी जाति में शादी की तो खाप पंचायत ने मंदिर में एंट्री की बैन, ढाई लाख का लगाया जुर्माना

खाप पंचायत ने इन दोनों पर पहले ही 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगा रखा था और कहा था कि अगर वह गांव लौटता है तो उसे यह राशि चुकानी पड़ेगी.
खाप पंचायत ने इन दोनों पर पहले ही 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगा रखा था और कहा था कि अगर वह गांव लौटता है तो उसे यह राशि चुकानी पड़ेगी.

खाप पंचायत (Khap Panchayat) के प्रमुख एल्लप्पन ने दोनों पर कोई जुर्माना लगाये जाने की बात से इनकार किया है. जबकि खाप पंचायत ने इन दोनों पर पहले ही 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगा रखा था और कहा था कि अगर वो गांव लौटते हैं तो यह राशि चुकानी पड़ेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 19, 2021, 12:34 PM IST
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(श्रद्धा वी)

चेन्नई. एक दलित (Dalit) जोड़े पर अपनी उप-जाति से बाहर शादी करने के लिए उसके गांव की खाप पंचायत (Khap Panchayat) ने जुर्माना लगा दिया है. साथ ही उसे मंदिर में भी नहीं जाने से रोक दिया गया है. ये घटना उत्तरी तमिलनाडु के तिरुपत्तुर ज़िले के वाणियम्बाडी में पुल्लूर गांव की है. कनगराज (26) मुरचा परयार उप-जाति का है और जयप्रिया (23) थामना परयार उप-जाति की है. ये दोनों ही उप-जातियां अनुसूचित जाति के तहत आती हैं. क्योंकि जयप्रिया के मां-बाप ने इस शादी का विरोध किया था इसलिए इन दोनों ने भागकर चेन्नई में जनवरी 2018 में शादी कर ली थी.

कनगराज चेन्नई में ड्राइवर की नौकरी करता था. कोविड के कारण हुए लॉकडाउन में कनगराज की नौकरी चली गयी और वह अपनी पत्नी के पास पुल्लूर वापस आ गया. खाप पंचायत ने इन दोनों पर पहले ही 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगा रखा था और कहा था कि अगर वो गांव लौटते हैं तो उन्हें यह राशि चुकानी पड़ेगी. कनगराज ने कहा, 'हमारे गांव में अपनी जाति के बाहर शादी करने पर जुर्माना लगाए जाने की बात आम है. अमूमन ज़ुर्माने की यह राशि ₹5000-10,000 होती है पर इस बार मुझ पर एक लाख और मेरी पत्नी पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. मैं ₹25,000 जुर्माना देने को तैयार था पर उन्होंने यह राशि लेने से मना कर दिया. अब मैंने कोई भी जुर्माना भरने से साफ़ मना कर दिया है. पर खाप पंचायत का प्रमुख मुझ पर दबाव डाल रहा है. जब गांव में त्योहार के दौरान हमने मंदिर में प्रवेश की कोशिश की तो मुझे और मेरी पत्नी को गांव के मंदिर में जाने से रोक दिया गया. मेरे गांव लौटने के बाद खाप पंचायत की दो बार बैठक हुई है और इसके प्रमुख दबाव डाल रहे हैं कि हमें जुर्माना देना ही होगा.'



पुलिस में शिकायत
कनगराज ने थिमापेट्टै पुलिस थाने में इसके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करायी है. ज़िला पुलिस के अधिकारी नवंबर में जब लंबित मामलों की सुनवाई कर रहे थे तो उन्होंने इस मामले की सुनवाई भी की. कनगराज ने कहा, 'एल्लप्पन और नागेश जो कि खाप पंचायत के प्रमुख हैं, उन्होंने पुलिस जांच के दौरान हम दोनों पर लगाए गए जुर्माने को वापस लेने की बात कही. पर उसके बाद वे अभी भी हमें जुर्माना चुकाने के लिए दबाव डाल रहे हैं.'

खाप पंचायत का आरोपों से इनकार
खाप पंचायत के प्रमुख एल्लप्पन ने दोनों पर कोई जुर्माना लागाये जाने की बात से इनकार किया. उन्होंने कहा, 'इन पर कभी कोई जुर्माना नहीं लगाया गया. इनके दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ क्योंकि इन दोनों ने अपने परिवार के लोगों की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ शादी की थी. गांव में हल्ला-गुल्ला करने के आरोप में इन दोनों पर ₹500 का जुर्माना लगाया गया था. मैं जानता हूं कि गांव के लोग ग़रीब हैं. पंचायत इन पर इतना भारी जुर्माना कैसे लगा सकती है.'

एफआईआर दर्ज
इस बीच, पिछले सप्ताह मंदिर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कनगराज के ससुर पर एल्लप्पन और उसके लोगों ने कथित रूप से हमला कर दिया. कनगराज ने इसके ख़िलाफ़ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी है और इस तरह एक एफआईआर इस मामले में दर्ज की गयी है. इसी मामले को लेकर एल्लप्पन ने भी कनगराज और उसके परिवार के लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया है और इस मामले में भी एफआईआर दर्ज कर ली गयी है.

कार्रवाई का इंतज़ार
तिरुपत्तुर ज़िला के पुलिस अधीक्षक विजयकुमार ने बताया कि जुर्माना लगाए जाने को लेकर कोई शिकायत थाने में लंबित नहीं है और दोनों ही समूह के बीच पैसे का कोई लेनदेन नहीं हुआ है. पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'दोनों ही पक्षों ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज करायी है जो कि मंदिर रैली को लेकर है. हमने दोनों ही पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कर ली है. दो महीने पहले हमने दो लोगों को नज़दीक के एक गांव में हिरासत में लिया था क्योंकि उन्होंने इसी तरह का जुर्माना लगाया था. इसलिए अगर इस बारे में कोई शिकायत दर्ज करायी गयी है तो हम इस पर कार्रवाई करेंगे.'
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