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तमिलनाडु चुनाव: AIADMK के लिए शशिकला का राजनीति छोड़ने का क्या मतलब है

शिकला ने 3 मार्च को औपचारिक रूप से राजनीति से दूर रहने का ऐलान कर दिया है..(फाइल फोटो)

शिकला ने 3 मार्च को औपचारिक रूप से राजनीति से दूर रहने का ऐलान कर दिया है..(फाइल फोटो)

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में चिनम्मा ( मौसी) के नाम से जानी जाने वाली शशिकला (Sasikala) के राजनीति के दूर रहने के फैसले के कुछ समय बाद ही मुख्यमंत्री एडापड्डी पलानीस्वामी (Edappadi Palaniswami) ने कहा है कि यह चुनाव हम सभी के लिए काफी अहम है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 5, 2021, 12:04 PM IST
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नई दिल्‍ली. तमिलनाडु (Tamil Nadu) में अगले कुछ ही दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले जिस तरह से शशिकला (Sasikala) ने राजनीति से संन्‍यास लेने की घोषणा की है उसने तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. तमिलनाडु में चिनम्मा ( मौसी) के नाम से जानी जाने वाली शशिकला के राजनीति के दूर रहने के फैसले के कुछ समय बाद ही मुख्यमंत्री एडापड्डी पलानीस्वामी (Edappadi Palaniswami) ने कहा है कि यह चुनाव हम सभी के लिए काफी अहम है. अगर हम इस चुनाव में जीतते हैं तो कोई भी ताकत AIADMK को हिला नहीं सकती है.

पलानीसामी 6 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए बुलाई गई बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे. शशिकला ने राजनीति से दूर रहने की घोषणा ऐसे समय में की जब बेंगलुरु से चेन्‍नई तक की उनकी रैली ने तमिलनाडु में एक अलग ही लहर को जन्‍म दे दिया था.

बता दें कि लगभग 10 दिन पहले उन्होंने और उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरन, जिन्होंने अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) का गठन किया है, ने सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के खिलाफ एक मामले को कोर्ट में फिर से उठाया है. उन्‍होंने कोर्ट में एआईएडीएमके के सीएम एडापड्डी पलानीस्वामी और डिप्टी सीएम ओ पन्नीरसेल्वम ने पार्टी के नियमों के खिलाफ खुद को पार्टी के समन्वयक और सह-समन्वयक के रूप में नियुक्त किया.

शशिकला की आश्चर्यजनक घोषणा इसलिए भी हैरान करती है क्‍योंकि हर किसी को इस बात की जानकारी थी कि अगर शशिकला पूरी ताकत के साथ चुनाव के मैदान में उतरतीं तो वो अकेले एआईएडीएमके के वोट बैंक को राज्य की 234 सीटों में से 60-70 में विभाजित कर सकती थीं. हालांकि शशिकला के इस फैसले से सत्‍ताधारी पार्टी के नेतृत्‍व को राहत जरूर मिली है. इस फैसले के बाद अब एआईएडीएमके विपक्षी गठबंधन के खिलाफ एकजुट मोर्चा खोलने पर ध्यान केंद्रित कर सकता है.



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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जो अन्नाद्रमुक की सहयोगी है ने शशिकला के फैसले का स्वागत किया है. भाजपा के राज्‍य प्रभारी सीटी रवि ने कहा, 'हमारी पार्टी शशिकला के फैसले का स्वागत करती है. अम्मा (जयललिता) हमेशा एक मजबूत, एकजुट AIADMK का सपना देखती थीं. (वह) एक समृद्ध तमिलनाडु और द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) की हार चाहती थीं. यह (शशिकला का कदम) अम्मा के सपनों को पूरा करने में मदद करेगा.'

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विपक्षी खेमे में भाजपा की प्रतिक्रिया को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) या सीपीआई (एम) जो डीएमके के सहयोगी घटक हैं ने संकेत दिया है कि शशिकला को इस तरह का निर्णय लेने के लिए मजबूर किया गया है.
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