फ्री लैपटॉप-टीवी जैसे चुनावी वादों पर मद्रास HC की तल्ख टिप्पणी- पहले बिजली-पानी के वादे को पूरा करें

मद्रास हाईकोर्ट (PTI)

मद्रास हाईकोर्ट (PTI)

Tamil Nadu Assembly Election 2021: मद्रास कोर्ट (Madras Highcourt) ने कहा कि बेहतर हैं कि राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी ऐसे मुफ्त सामान देने के वादे की जगह मतदाताओं को पानी, बिजली, स्वास्थ्य और ट्रांसपोर्ट सुविधाएं बेहतर करने के वादे करें. साथ ही चुनाव जीतने पर उन वादों को पूरा भी करें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 1:40 PM IST
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चेन्नई. देश के चार राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. तमिलनाडु में 6 अप्रैल को वोटिंग है. ऐसे में तमाम पार्टियां और उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने के लिए अजीबों-गरीब वादे कर रहे हैं. मद्रास हाईकोर्ट ने इन लुभावने चुनावी वादों को लेकर तल्ख टिप्पणी की है. मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एन. किरुवकरन और जस्टिस बी. पुगलेंधी ने बुधवार को कहा कि उम्मीदवारों को फ्री लैपटॉप, टीवी, पंखे, मिक्सी और अन्य चीजों के बजाय बुनियादी सुविधाओं को मैनिफेस्टो में शामिल करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि बेहतर है कि राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी ऐसे मुफ्त सामान देने के वादे की जगह मतदाताओं को पानी, बिजली, स्वास्थ्य और ट्रांसपोर्ट सुविधाएं बेहतर करने के वादे करें. साथ ही चुनाव जीतने पर उन वादों को पूरा भी करें.

जजों का कहना है कि करदाता (Tax Payers) राज्य में मुफ्त वादों की बारिश में भीगने के इच्छुक नहीं हैं. अगर यही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं है, जब तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिक सभी संपत्तियों के मालिक होंगे और यहां के निवासी उनके अधीन होंगे. जजों ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है. आलम ये है कि इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स नौकरी के लिए सरकारी दफ्तरों में सफाईकर्मी बनने तक को तैयार हैं.

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जजों ने चुनावी सुधारों पर सवालों की एक सीरीज पेश की. उन्होंने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि क्या चुनाव घोषणापत्रों में तर्कसंगत वादे करने को लेकर चुनाव आयोग द्वारा कोई कदम उठाए गए हैं? क्या इस तरह के घोषणापत्रों की जांच करने और राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार कोई कानून लाने का प्रस्ताव रखती है?
जजों ने कहा कि बिरयानी और क्वॉर्टर बोतल (शराब) चुनाव में एक वास्तविकता बनकर रह गई है. जो लोग इनके लिए अपना मत बेचते हैं, उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं है. ऐसे मतदाता अपनी तरह के प्रतिनिधि के ही योग्य हैं, जो सिर्फ वादे करें उन पर अमल न करें.

बता दें कि तमिलनाडु चुनाव (Tamil Nadu) को लेकर उम्मीदवार अपनी जीत पक्की करने के लिए एक से बढ़कर एक वादे कर रहे हैं. तमिलनाडु के दक्षिण मदुरै से लड़ने वाले उम्मीदवार, थुलम सरवनन ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कई लोक लुभावने वादे किए हैं.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक 34 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि, अगर वो चुनाव जीतते हैं तो वो लोगों को हेलीकॉप्टर, रोबोट देंगे. इसके साथ ही उन्होंने वादा किया है कि वो लोगों को आई-फोन देंगे और उनके खातों में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे.



सरवनन ने वादा किया है कि वो अपनी विधानसभा क्षेत्र में लोगों को तीन मंजिला मकान स्विमिंग पूल के साथ देंगे. यहीं नहीं नेता ने कहा है कि वो साउथ मदुरई में गर्मी से बचने के लिए 300 फीट लंबा हिमखंड बनाएंगे.

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निर्दलीय उम्मीदवार ने कहा कि वह प्रक्रिया के बारे में जानने और राजनेताओं के बीच घबराहट पैदा करने के लिए चुनावी मैदान में हैं. सरवनन के घोषणा पत्र को सोशल मीडिया पर चेन्नई के एक पत्रकार राधाकृष्णन आरके द्वारा शेयर किया गया था, जिनके पोस्ट को अब तक 500 से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं.
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