नागरिकता कानून के खिलाफ एक्शन में तरुण गोगोई, 36 साल बाद करेंगे सुप्रीम कोर्ट में जिरह

नागरिकता कानून के खिलाफ एक्शन में तरुण गोगोई, 36 साल बाद करेंगे सुप्रीम कोर्ट में जिरह
तरुण गोगोई ने कहा है कि असम में डिटेंशन सेंटर कोर्ट के आदेश पर बना

असम (Assam) के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) अब नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली बहस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) का साथ देंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 18, 2019, 2:59 PM IST
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गुवाहाटी. असम (Assam) के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) 36 साल बाद एक बार फिर कोर्ट के अंदर काला कोट पहने दिखाई दिए. तरुण गोगोई इससे पहले 1983 में वकीलों के साथ जिरह करते दिखाई दिए थे. अब वह नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) के साथ मिलकर सर्वोच्च न्यायालय में बहस करेंगे.

तरुण गोगोई ने मंगलवार को नई दिल्ली की यात्रा भी की थी. नागरिकता संशोधन कानून पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जब इस पर बहस होगी तो मैं चिंदबरम की मदद करूंगा. उन्होंने कहा कि यह कानून पूरी तरह से असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो मैंने पड़ोसी देशों में उत्पीड़न का सामना कर रहे शरणार्थियों को शरण देने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को अधिनियम के प्रभाव पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है और किसी को भी यह निर्धारित नहीं करना चाहिए कि लोग क्या चर्चा करेंगे.

वहीं, असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों से उन चीजों के बारे में बोलने से परहेज करने के लिए कहा जो CAA में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इससे हिंसा भड़काने में मदद मिलती है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग शांति के खिलाफ हैं, जिसके कारण असम में हिंसा बढ़ रही है.



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जिन्ना की राह पर चल रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : गोगोई
वरिष्ठ कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत का ध्रुवीकरण करने के लिए जिन्ना की राह पर चलने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र नागरिकता कानून लागू कर 'हिंदू राष्ट्र' बनाने की कोशिश कर रहा है जो लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि असम समेत देशभर के लोगों ने संशोधित नागरिकता कानून का विरोध किया है क्योंकि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार लोगों को धर्म, भाषा और संस्कृति के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है. झारखंड में हाल ही में एक चुनावी रैली में की गई टिप्पणी के लिए मोदी पर निशाना साधते हुए गोगोई ने आरोप लगाया कि मोदी 'जिन्ना भक्त' हैं.

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