NRC को लेकर तरुण गोगोई ने CJI को लिखा पत्र, लगाया ये आरोप

भाषा
Updated: September 7, 2019, 7:35 PM IST
NRC को लेकर तरुण गोगोई ने CJI को लिखा पत्र, लगाया ये आरोप
तरूण गोगोई ने कहा, हजेला ने अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया

तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) ने आरोप लगाया कि राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने पिछले सप्ताह प्रकाशित अंतिम सूची को तैयार करते समय अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया.

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गुवाहाटी. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई को पत्र लिखा है. तरुण गोगोई ने आरोप लगाया कि राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने पिछले सप्ताह प्रकाशित अंतिम सूची को तैयार करते समय अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया. उन्होंने सीजेआई से इस मामले की समीक्षा करने का अनुरोध किया है.

असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की निगरानी में अद्यतन किया गया था. राज्य के भारतीय नागरिकों को वैधता प्रदान करने वाली NRC की अंतिम सूची में 19 लाख से अधिक आवेदकों को शामिल नहीं किया गया था.

‘NRC खर्च किए गए 1200 करोड़’
सीजेआई को लिखे पत्र में तरुण गोगोई ने आरोप लगाया कि हजेला ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन नहीं किया, जबकि 50,000 से अधिक सरकारी कर्मी एनआरसी को अद्यतन बनाने के काम में लगे हुए थे और राज्य के विकास कार्यों की कीमत पर इस पर लगभग 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.

उन्होंने कहा कि अब सवाल उन लाखों लोगों के भाग्य को लेकर पैदा होता है, जो NRC से बाहर रह गए हैं. क्या उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए विदेशी नागरिक न्यायाधिकरण के पास जाना होगा? यह उनकी गलती के कारण नहीं, बल्कि एनआरसी की अक्षमता के कारण हुआ है.

कुछ लोगों का 1966 की मतदाता सूची में नाम
यह पत्र गुरुवार को लिखा गया और शुक्रवार को पीटीआई को उपलब्ध कराया गया. तीन बार के कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि लाखों लोगों को बाहर कर दिया गया, जबकि उनके नाम 1966 और 2019 दोनों ही मतदाता सूचियों में था.
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मोदी सरकार पर लगाया आरोप
गोगोई ने कहा कि मतदाता सूची भारत के चुनाव आयोग द्वारा तैयार की गई थी जो एक संवैधानिक निकाय है. उन्होंने कहा कि अंतिम एनआरसी को सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और राज्य के बुद्धिजीवियों ने खारिज कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य और केंद्र में बीजेपी नीत सरकारों के रूख में विरोधाभास है.

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First published: September 7, 2019, 7:34 PM IST
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