'भारत को पड़ोसी देशों के मुस्लिमों की जरूरत नहीं पर यहां के नेताओं को है'

तसलीमा नसरीन ने विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा कि आर्थिक कारणों से आए बांग्लादेशी प्रवासी भारत से अपने वतन लौट सकते हैं क्योंकि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पहले से बहुत बेहतर हुई है.

News18Hindi
Updated: August 3, 2018, 11:45 PM IST
'भारत को पड़ोसी देशों के मुस्लिमों की जरूरत नहीं पर यहां के नेताओं को है'
तसलीमा नसरीन (File Photo)
News18Hindi
Updated: August 3, 2018, 11:45 PM IST
निर्वासन में रह रहीं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को ‘‘अवैध प्रवासी’’ करार नहीं दिया जाना चाहिए. असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) ड्राफ्ट से 40 लाख लोगों का नाम बाहर होने की पृष्ठभूमि में उनका यह बयान आया है.

नसरीन ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा, ‘‘शुरूआती मानव बेहतर जिंदगी के लिए अफ्रीका से एशिया आए. इसके बाद मानव आगे बढ़ता रहा. हमारे पूर्वज मानव अवैध नहीं थे.’’



लेखिका ने ट्वीट किया, ‘‘किसी भी व्यक्ति को अवैध प्रवासी करार नहीं दिया जाना चाहिए. अवैध रूप से भारत घुसने वाले बांग्लादेशी नागरिक, उनका कृत्य भारतीय कानून के मुताबिक अवैध है लेकिन वे ‘अवैध’ नहीं हैं.’’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने विश्व बैंक की रिपोर्ट का संदर्भ दिया कि आर्थिक कारणों से आए बांग्लादेशी प्रवासी भारत से अपने वतन लौट सकते हैं क्योंकि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पहले से बहुत बेहतर हुई है.
Loading...



एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘भारत में काफी मुसलमान हैं. भारत को पड़ोसी देशों से और मुसलमानों की जरूरत नहीं है. लेकिन दिक्कत है कि भारतीय नेताओं को उनकी जरूरत है.’’


बता दें कि असम में जारी एनआरसी में 40 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं किया गया है जिन्हें कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासी माना जा रहा है. एनआरसी से 40 लाख लोगों के बाहर होने का मुद्दा इन दिनों चर्चा में छाया है जिसका कोई समर्थन कर रहा है तो कई लोग इसपर सवाल उठा रहे हैं.

(भाषा इनपुट के साथ) 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...