सबरीमाला पर बोलीं तस्लीमा- 'मंदिर जाने के लिए इतनी बेचैन क्यों हैं महिलाएं'

सबरीमाला पर बोलीं तस्लीमा- 'मंदिर जाने के लिए इतनी बेचैन क्यों हैं महिलाएं'
तस्लीमा नसरीन (फाइल फोटो)

लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा कि महिला काार्यकर्ता गांवों में जाएं, जहां महिलाओं को घरेलू हिंसा, बलात्कार, यौन उत्पीड़न, घृणा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है

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विवादास्पद बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने आश्चर्य जताया कि महिला कार्यकर्ता सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के लिए इतना उत्सुक क्यों हैं. उन्होंने कहा कि इसकी जगह उन्हें गांवों में जाना चाहिए जहां महिलाएं अनेक मुद्दों से जूझ रही हैं. सबरीमाला मंदिर दो महीने के तीर्थाटन के लिए शुक्रवार को खुल गया. तस्लीमा ने कहा, 'मैं नहीं समझ पा रही हूं कि महिला कार्यकर्ता सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के लिए इतनी उत्सुक क्यों हैं.'

उन्होंने ट्वीट किया, 'बेहतर होगा कि वे (महिला काार्यकर्ता) गांवों में जाएं, जहां महिलाओं को घरेलू हिंसा, बलात्कार, यौन उत्पीड़न, घृणा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और जहां लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच नहीं है, जहां उन्हें नौकरी करने की स्वतंत्रता नहीं है या जहां उन्हें समान वेतन नहीं मिलता है.'

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महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने सबरीमला जाने का इरादा छोड़ा
सबरीमला मंदिर जाने को लेकर श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के साथ 14 घंटे से ज्यादा के गतिरोध के बाद महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने मंदिर की ओर जाने का विचार त्याग दिया क्योंकि उन्हें यहां हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया गया. श्रद्धालु और अन्य लोग भगवान अयप्पा मंदिर में मासिक धर्म की उम्र वाली महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रह रहे हैं.

देसाई, छह महिला साथियों के साथ शुक्रवार तड़के ही कोच्चि हवाई अड्डे पहुंच गई थीं. उन्होंने शुक्रवार रात ऐलान किया कि वह वापस जाएंगी क्योंकि पुलिस ने उन्हें सूचित किया है कि अगर वह मंदिर जाएंगी तो 'लॉ एंड ऑर्डर' की समस्या बन सकती है, लेकिन कार्यकर्ता ने भगवान अयप्पा के दर्शन करने के लिए जल्द केरल वापस आने का संकल्प लिया है.

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