रतन टाटा ने बताई अब तक अविवाहित रहने की वजह, कहा- चार बार होते-होते रह गई शादी

रतन टाटा ने बताई अब तक अविवाहित रहने की वजह, कहा- चार बार होते-होते रह गई शादी
रतन टाटा (फ़ाइल फोटो)

रतन टाटा ने 1962 में टाटा समूह के साथ अपने करियर की शुरुआत की और फिर उसे दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल करवाया.

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टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा का नाम देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारियों में शुमार किया जाता है. वह 81 साल के चुके हैं. रतन टाटा ने 1962 में टाटा समूह के साथ अपने करियर की शुरुआत की और फिर उसे दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल करवाया. अपनी पर्सनल लाइफ पर बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि चार बार उनकी शादी होते-होते रह गई.

क्यों नहीं की शादी?
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए रतन टाटा ने कहा, 'एक बार तो मेरी शादी बिल्कुल होते-होते रह गई. जब मैं अमेरिका में था, उन्हीं दिनों मेरी दादी ने मुझे अचानक फोन करके भारत आने को कहा. उसी दौरान भारत का चीन से युद्ध शुरू हो गया. इस तरह मैं वहीं अटक गया. बाद में उस लड़की की शादी हो गई. इतना ही नहीं ये भी पता चला कि उनके पति की मौत हो गई.'

रतट टाटा ने इसके साथ ही बताया कि कुछ साल पहले वह बॉम्बे हाउस ऑफिस में बैठे थे. तभी एक शख्स ने उन्हें पर्ची दी और कहा कि ये पेरिस की एक महिला ने दी है. उन्होंने कहा, 'ये पर्ची उसी लड़की की थी. उनका अपना एक परिवार है, बच्चे भी हैं. दुनिया कितनी छोटी है. एक समय था तब हमारा कोई कॉनटैक्ट नहीं था पर आज हम दोस्त के तौर पर मिल लिया करते हैं.'
कुत्ते से प्यार


रतन टाटा कुत्ता पालने के भी शौकीन हैं. लिहाजा वह कुत्तों के लिए हॉस्पिटल बनवा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मेरे घर पर दो जर्मन शेफर्ड हैं. हम नवी मुंबई में कुत्तों के लिए अस्पताल बनवा रहे हैं. कोलाबा के यूएस क्लब में 20 से ज्यादा कुत्तों को मैं खुद खिलाता था. ये सिलसिला तब तक चलता रहा, जब एक दिन मुझे पता चला कि उन्हें जहर देकर मार दिया गया है. उसके बाद से आज तक मैंने उस क्लब में कदम तक नहीं रखा है.'



कमाई का 65 फीसदी हिस्सा दान करते हैं
28 दिसंबर 1937 को भारत के सबसे बड़े और ईमानदार उद्योगपतियों में से एक रतन टाटा का जन्म हुआ था. आपको बता दें रतन टाटा के पास बेशुमार दौलत है, लेकिन इसके बावजूद वो दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में नहीं आते. दरअसल रतन टाटा अपनी कमाई का 65 फीसदी हिस्सा दान कर देते हैं. उनकी कंपनी का जो भी प्रॉफिट होता है वो उसे समाज कल्याण के लिए दान कर देते हैं. ये पैसा उनकी निजी फाइनेंशियल स्टेटमेंट में दर्ज नहीं होता है. इसीलिए रतन टाटा की निजी संपत्ति 100 करोड़ से ऊपर नहीं जाती है.

मजदूरों के साथ काम किया
रतन टाटा ने जब अपनी कंपनी से करियर शुरू की तो वो चाहते तो अच्छी पोस्ट पर आ सकते थे, लेकिन फिर भी उन्होंने फैक्ट्री मजदूरों के साथ काम शुरू किया. कहते हैं कि वो इसके जरिए जानना चाहते थे कि आखिर मजदूरों की जिंदगी क्या है और उनके परिवार को इस बिजनेस को खड़ा करने में कितनी मेहनत लगी.

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