Tauktae Cyclone: मुंबई ने 40 सालों में पहली बार किया इतने भीषण तूफान का सामना, महाराष्ट्र में 6 लोगों की मौत

मुंबई तट पर अपने चरम पर पहुंचने के बाद तूफान 120 नॉट्स की रफ्तार से चल रहा था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

Tauktae Cyclone: तूफान का असर यह रहा कि दीवार गिरने की 26 अलग-अलग घटनाओं में 8 लोग घायल हो गए. वहीं, शॉर्ट सर्किट के 17 मामले दर्ज किए गए और कम से कम 479 पेड़ धराशाई हो गए.

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    मुंबई. भयावह रूप धारण किए टाउते तूफान (Tauktae Cyclone) फिलहाल गुजरात (Gujarat) में है. इससे पहले यह तूफान देश के तटीय शहर मुंबई (Mumbai) से होकर गुजरा था. जानकारों का मानना है कि 40 साल में पहली बार कोई इतना खतरनाक तूफान शहर में आया था. टाउते के चलते कई फ्लाइट्स रद्द हो गई, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठहर गई. इस दौरान शहरवासियों ने कमजोर मोबाइल नेटवर्क और बिजली कटौती का भी सामना किया. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तूफान की वजह से राज्य में 6 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

    मौसम विभाग ने जानकारी दी थी कि टाउते सोमवार को मुंबई के तटीय क्षेत्रों से 120-130 किमी दूर से गुजरा. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया गया है कि 1981 के बाद यह पहला मौका है, जब इतना भीषण तूफान शहर के इतना करीब पहुंचा. अगर निसर्ग तूफान से इसकी तुलना की जाए, तो यह मुंबई के तटों से 110 किमी की दूरी पर था, लेकिन शहर कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि तूफान के दक्षिण से उत्तर की ओर जाने के दौरान गुजरात की तरफ बढ़ते हुए दक्षिण मुंबई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई.

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    क्या रहा तूफान का असर
    रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई तट पर अपने चरम पर पहुंचने के बाद तूफान 120 नॉट्स की रफ्तार से चल रहा था. यह तूफान उत्तर-पश्चिमी दिशा में गुजरात की ओर बढ़ा और शहर में हवाओं की रफ्तार और तेज हो गई. तूफान की भयावहता इतनी थी कि नागरिकों ने शहर भर के वीडियो शेयर किए, जिनमें टूटे पेड़, बिजली के गिरे हुए तार नजर आए. बीएमसी के कोलाबा में अफगान चर्च स्थिति मौसम स्टेशन के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे शहर में हवा की रफ्तार 114 किमी प्रति घंटे की थी.

    रिपोर्ट में बताया गया है कि तूफान का असर यह रहा कि दीवार गिरने की 26 अलग-अलग घटनाओं में 8 लोग घायल हो गए. वहीं, शॉर्ट सर्किट के 17 मामले दर्ज किए गए और कम से कम 479 पेड़ धराशाई हो गए. बोरीवली पूर्व में एक घर की दीवार गिर गई, जिसमें परिवार के 4 सदस्यों को चोटें आई हैं. जबकि, अंधेरी में महिला के ऊपर दीवार का टुकड़ा गिर गया. बीएमसी की तरफ से जानकारी मिली है कि महिला की हालत स्थिर है और उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.



    मानसून को लेकर तैयार नहीं है मुंबई!
    दादर से सामाजिक कार्यकर्ता निखिल देसाई ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया 'हर साल की तरह इस साल भी किंग्स सर्किल और हिंदमाता इलाके में पानी जमा हो गया. हालांकि, इस बार बारिश की इतनी जल्दी उम्मीद नहीं की गई थी, लेकिन इससे पता चलता है कि हर साल की तरह हम इस बार भी मानसून के लिए तैयार नहीं थे. मैं नहीं जानता कि अंडरग्राउंड रेनवॉटर स्टोरेज कितना तैयार हुआ, लेकिन यह सच है कि मिनटों की बारिश से भी हिंदमाता और किंग्स सर्किल के गांधी मार्केट में पानी भर गया.'