टैक्सी ड्राइवर की ईमानदारी ने दिल जीता, रेडियो पर मदद के लिए जुटे 90 हजार रुपए

दिल्ली के टैक्सी ड्राइवर देबेंद्र कापड़ी ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल कायम की कि जनता ने उनका कर्ज चुका कर किया धन्यवाद

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Updated: May 11, 2017, 6:49 PM IST
टैक्सी ड्राइवर की ईमानदारी ने दिल जीता, रेडियो पर मदद के लिए जुटे 90 हजार रुपए
Photo - RJ Naved facebook
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Updated: May 11, 2017, 6:49 PM IST
'भाई साहब ईमानदारी का तो जमाना ही नहीं रहा' - ये लाइन आप और हम दिन में एक न एक बार तो सुन ही लेते हैं. हर दिन अखबार, टीवी और अपने आसपास ऐसी कई घटनाओं को होते देखते हैं जिसके बाद ये बात स्वाभाविक तौर पर मुंह से निकल आती है. लेकिन सच तो ये है कि दुनिया अभी भी इतनी बुरी नहीं हुई है कि हम एक दूसरे पर विश्वास करना छोड़ दें.

देबेंद्र कापड़ी, 24 साल के हैं और दिल्ली में टैक्सी चलाते हैं. कुछ दिन पहले की बात है जब देबेंद्र ने मुबिशर वानी नाम के एक पैसेंजर को एयरपोर्ट से पहाड़गंज पर छोड़ा. जब वो लौट रहे थे उन्होंने देखा कि उनकी सवारी का बैग टैक्सी में ही रह गया. फिर क्या हुआ इस बारे में न्यूज़ 18 हिंदी से बात करते हुए देबेंद्र कहते हैं - 'पहले तो मैं काफी देर तक सवारी को ढूंढता रहा लेकिन जब वो नहीं मिले तो मैंने डोमेस्टिक एयरपोर्ट पर जाकर अपनी टैक्सी यूनियन के नेता को इस बारे में बताया और फिर पुलिस के हवाले बैग कर दिया.'

अपनी बात पूरी करते हुए देबेंद्र ने बताया कि पुलिस ने बैग का सारा सामान देखा और उसकी लिस्ट बनाने लगे. उसमें करीब 70 डॉलर भी रखे हुए थे. इसके अलावा सोने के गहने, लैपटॉप, आईफोन भी उस बैग में था. पूरे सामान की कीमत करीब 8 लाख रुपये थी. थोड़ी ही देर बाद पैसेंजर मुबिशर भी थाने पहुंच गए और देबेंद्र को धन्यवाद कहते हुए उन्हें 1500 रुपए दिए.

देबेंद्र कहते हैं कि उस बैग को मिलने के बाद उन्हें एक बार भी उसे रख लेने का ख्याल नहीं आया. उन्हें लगा कि बैग को इसके मालिक तक पहुंचाना चाहिए और इसलिए उन्होंने बिना देर लगाए इसे पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में एयरपोर्ट पुलिस के डीसीपी ने देबेंद्र के बारे में ये जानकारी ट्विटर पर साझा की.


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दिल्ली के लोकप्रिय आरजे नावेद की नजर इस ट्वीट पर पड़ी और उन्होंने देबेंद्र को अपने शो में बुलाया. यही नहीं, नावेद ने रेडियो मिर्ची पर अपने सुबह के शो में श्रोताओं से देबेंद्र के उस लोन को चुकाने के लिए मदद मांगी जिसे उन्होंने अपनी बहन की शादी के लिए लिया था.



देबेंद्र के ऊपर 70 हजार रुपए का उधार था और उनकी ईमानदारी की कहानी सुनकर लोगों ने 70 हजार नहीं, कुल 91,751 रुपए की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया. देबेंद्र कहते हैं कि मेरी बहन की शादी पर मैंने ये रकम उधार ली थी. अब आप सबकी मदद से मैं इसे चुका दूंगा.

उन्होंने बताया कि जल्दी ही उनके अकाउंट में ये रकम रेडियो स्टेशन द्वारा ट्रासंफर कर दी जाएगी. देबेंद्र मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उनकी चार महीने पहले ही शादी हुई है. हम उम्मीद करते हैं कि देबेंद्र ने जो किया इसे पढ़कर लगातार धीमा पड़ता भरोसे का बल्ब, एक बार फिर जल उठेगा.
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