आतंक का नया चेहरा: रावलपिंडी में बैठकर, जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की फौज तैयार कर रहा तैय्यब

तय्यब फारूक की फाइल फोटो

तय्यब फारूक की फाइल फोटो

ख़ुफ़िया एजेंसियों के रडार पर आए आतंक के इस नए चेहरे का नाम तैय्यब फारूक बताया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह आतंकी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा,पहलगाम, श्रीनगर,किश्तवाड़, डोडा,अनंतनाग,राजौरी, सोपोर ,बारामुला और कुपवाड़ा में भर्ती के जरिये अपना नेटवर्क बना चुका है.

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श्रीनगर. जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंक का नया चेहरा सामने आया है. यह आतंकी पाकिस्तान (Pakistan) के रावलपिंडी में बैठकर जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में आतंकियों (Terrorist) की फौज तैयार कर रहा है. इतना ही नहीं यह आतंकी डायरेक्ट कॉल कर किसी से बात करना पसंद नही करता, बल्कि व्हाट्सएप वॉइस मैसेज के जरिये अपने लोगों से बातचीत करता है.

मिली जानकारी के अनुसार, ख़ुफ़िया एजेंसियों के रडार पर आए आतंक के इस नए चेहरे का नाम तैय्यब फारूक बताया जा रहा है. यह आतंकी टारगेट सेलेक्शन, बड़े पैमाने पर फंडिंग,हथियारों की सप्लाई और जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग ज़िलों में नौजवानों की भर्ती का काम कर रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह आतंकी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा,पहलगाम, श्रीनगर,किश्तवाड़, डोडा,अनंतनाग,राजौरी, सोपोर ,बारामुला और कुपवाड़ा में भर्ती के जरिये अपना नेटवर्क बना चुका है.

ISI ने कश्मीरी पहचान के साथ दी ऑपरेट करने की ताकीद

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की बदनाम ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने इसे कश्मीरी पहचान के साथ ऑपरेट करने की ताकीद दी है. इसने कश्मीर जांबाज़ फ़ोर्स नाम से एक आतंकी संगठन भी बनाया है. इसके कमांडर को अबू हमज़ा नाम दिया गया है. हमजा फारूक इक़बाल नाम के शख्स के ज़रिए अनंतनाग,सोपोर,कुलगाम ,शोपियां और श्रीनगर में उन लोगों की पहचान करने में जुटा है जो पाकिस्तान के खिलाफ बोलते है. पहचान के बाद वो इनपर हमले करने की साज़िश रच रहा है.
खुफिया एजेंसी के एक इंटरसेप्ट में तैय्यब पूरे जम्मू-कश्मीर में गुरिल्ला युद्ध छेड़ने की ताकत का दावा करता सुना गया. उसका दावा है कि जम्मू से लेकर लद्दाख़ तक उसके 'साथी' सक्रिय हैं. एक दूसरे इंटरसेप्ट में ये पॉलिसी के बदल जाने की बात कहता है जिसके मुताबिक कोई भी पाकिस्तानी, जम्मू-कश्मीर में किसी तंज़ीम का चीफ नही बन सकता. तंज़ीम का चीफ बनने के लिए कश्मीरी होना जरूरी है. इससे साफ ज़ाहिर है की पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को लोकल आतंकवाद के तौर पर पेश करना चाहता है और FATF और दुनिया को ये दिखाना चाहता है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने में उसका कोई हाथ नहीं है.

तय्यब के मंसूबे खतरनाक

तैय्यब के मंसूबे कितने खतरनाक हैं, इसका पता 18 अप्रैल 2021 के एक इंटरसेप्ट से चलता है. इस इंटरसेप्ट में वो एक संदिग्ध आतंकी को वॉइस मैसेज के जरिये 2 पिस्टल और 200 राउंड मुहैया कराने को कहता है. वॉइस मैसेज में तैय्यब कहता है- 'इसको जहन्नुम भेजना है, BJP लीडर है वो. उसका सारा कुछ हमने तय कर दिया है.' ज़ाहिर तौर से तैय्यब के मंसूबे बेहद खतरनाक हैं.



दरसअल ISI जम्मू-कश्मीर में छोटी-छोटी आतंकी तंजीमों को खड़ा करने की साज़िश रच रहा है. तंज़ीम की कमान ऐसे चेहरों के हाथ सौंपी जा रही है जो भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों के रडार पर नही हैं. तैय्यब ISI की इसी साज़िश का एक मोहरा है. जम्मू-कश्मीर में TRF, पीपुल्स एन्टी फॉसिस्ट फ्रंट,यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जैसे कई आतंकी संगठन ऑपरेट कर रहे हैं जो लश्कर और जैश जैसी बड़ी आतंकी तंजीमों के शैडो संगठन हैं.


लेकिन इस बार इससे अलग आतंकी तंज़ीम को खड़ा करने की कोशिश ISI कर रहा है जो किसी बड़ी आतंकी तंज़ीम का हिस्सा नही होंगे ,ऑपरेट भी अलग करेंगे,लेकिन इसकी कमान हमेशा की तरह ISI के हाथ रहेगी. इसमे सारे लोकल्स होंगे ,कमांडर भी लोकल रहेगा. कोई भी पाकिस्तानी इसका हिस्सा नही होगा लेकिन इनका हैंडलर तैय्यब जैसा ही, पाकिस्तान में बैठा कोई शख्स होगा.

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