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कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन प्रजातांत्रिक मजबूरी: चंद्रबाबू नायडू

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Updated: October 7, 2018, 1:05 AM IST
कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन प्रजातांत्रिक मजबूरी: चंद्रबाबू नायडू
चंद्रबाबू नायडू की फाइल फोटो

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कांग्रेस के साथ गठबंधन किये जाने पर सफाई देते हुए कहा कि यह एक प्रजातांत्रिक मजबूरी थी.

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  • Last Updated: October 7, 2018, 1:05 AM IST
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तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कांग्रेस के साथ गठबंधन किए जाने पर सफाई देते हुए कहा कि यह एक प्रजातांत्रिक मजबूरी थी. उन्होंने यह फैसला तब लिया जब तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने उनके गठबंधन के ऑफर को ठुकरा दिया.

नायडू ने यह भी कहा कि टीआरएस और टीडीपी के गठबंधन से वे दक्षिण भारत में उभर के आ सकते थे, लेकिन टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव की वजह से ऐसा नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन, टीआरएस के उनके गठबंधन के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद किया गया.

नायडू ने कहा कि अगर हम दोनों संगठित हो जाते तो कांग्रेस को कर्नाटक में रोक सकते थे. बीजेपी और कांग्रेस की तमिलनाडु में कोई जगह नहीं है और अगर हम दोनों मिल जाते तो दोनों ही दक्षिण भारत में अहम भूमिका निभा पाते, लेकिन मेरे प्रस्ताव को के चंद्रशेखर राव ने ठुकरा दिया.

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नायडू टीडीपी की एक बैठक में बोल रहे थे. नायडू ने कहा कि राजनैतिक गठबंधन लोकतांत्रिक मजबूरी होती है. और हमारे पास गैर बीजेपी पार्टी से गठबंधन करने के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं था. क्योंकि बीजेपी वैसे भी हमारे खिलाफ काम कर रही थी. हमें केंद्र से राज्य को मिले अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिये सपोर्ट की जरूरत थी. इसलिए हमने समान विचारधारा वाली पार्टी के साथ गठबंधन करना सही समझा.

उन्होंने कहा कि राव चाहते थे कि टीडीपी तेलंगाना में चुनाव लड़े और कांग्रेस के साथ किसी भी तरह का गठबंधन न करे. नायडू ने अप्रत्यक्ष रूप से राव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि वह किसी और का साथ दे रहे हैं. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि तेलंगाना में टीडीपी को कमजोर करने के लिए बीजेपी ने आंध्र प्रदेश में वाईएस जगनमोहन रेड्डी और तेलंगाना में केसीआर के साथ गुप्त समझौता भी किया और हमारे साथ एकतरफा रूप से गठबंधन को तोड़ दिया.

नायडू ने अपनी पार्टी के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य हर जगह रह रहे तेलुगु लोगों के लिए काम करना है और इसीलिए इस पार्टी का गठन भी किया गया था. उन्होंने कहा कि हमारे पास केवल 5 या 6 महीने ही बचे हैं और हमने अपने सांसदों को केंद्र-राज्य संबंधों, किसानों की समस्याओं और राफेल सौदे जैसे मुद्दों पर देश भर में सम्मेलन आयोजित करने के लिए भी कहा है. उन्होंने बैठक में बोफोर्स घोटाले के दौरान 105 सांसदों के अपने पद से इस्तीफा देने वाले प्रकरण को भी याद किया.ये भी पढ़ें- चन्द्रबाबू नायडू की मोदी- शाह को चेतावनी, आंध्र प्रदेश के खिलाफ न करें साजिश

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First published: October 6, 2018, 11:52 PM IST
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