मानव अधिकार हनन मामलों पर पाकिस्तान को जिनेवा में करारा जवाब देगा भारत

Shailendra Wangu | News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 11:42 PM IST
मानव अधिकार हनन मामलों पर पाकिस्तान को जिनेवा में करारा जवाब देगा भारत
भारत सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक अजय बिसारिया के नेतृत्व में एक टीम को जिनेवा के लिए भेजा है. ये टीम संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् में कश्मीर मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखेगी.

भारत सरकार (Indian Government) ने वरिष्ठ राजनयिक अजय बिसारिया (Ajay Bisaria) के नेतृत्व में एक टीम को जिनेवा (Geneva) के लिए भेजा है. ये टीम संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (UN Human Rights Council) में कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) को लेकर अपना पक्ष रखेगी.

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भारत सरकार (Indian Government) ने वरिष्ठ राजनयिक अजय बिसारिया (Ajay Bisaria) के नेतृत्व में एक टीम को जिनेवा (Geneva) के लिए भेजी है. ये टीम संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (UN Human Rights Council) में कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) को लेकर अपना पक्ष रखेगी. कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् में पहुंचा है और पाकिस्तान के इसी प्रयास को रोकने के लिए भारत का यह डेलिगेशन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पाकिस्तान की तरफ से पूर्व विदेश सचिव तहमीना जंजुआ और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Mehmood Shah Qureshi) जिनेवा में मौजूद होंगे जो मानवाधिकार निकाय के 42वें सत्र को संबोधित करेंगे.

कश्मीर मुद्दे को लेकर 16 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में पाकिस्तान ने कहा कि भारत कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. पाकिस्तान एचआरसी में कश्मीर पर एक विशेष सत्र के लिए खड़ा हुआ, लेकिन इस तरह के सत्र के लिए आवश्यक 16 वोट पाने में विफल रहा तो उसने इसे दो विकल्पों के साथ छोड़ा. पाकिस्तान ने कहा कि कश्मीर पर एक विशेष चर्चा हो या भारत के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया जाए.

9 से 27 सितंबर तक चलेगा एचआरसी
एचआरसी सत्र 9-27 सितंबर तक चलेगा और पाकिस्तान के पास इन दोनों प्रस्तावों के लिए नोटिस देने के लिए 19 सितंबर तक का समय है. सोमवार को यूरोपीय संघ की संसद में कश्मीर पर चर्चा होने की उम्मीद है. भारत भी इस पर अपनी कूटनीतिक लड़ाई लड़ने को तैयार है. हाल के दिनों में ही भारत ने HRC के प्रमुख सदस्यों से बातचीत की है. पीएम मोदी ने बहरीन के पीएम (वर्तमान में UNHRC सदस्य) जहां इस मुद्दे को उठाया गया था. Biarritz में जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर, उन्होंने यूके के पीएम बोरिस जॉनसन के साथ-साथ अन्य नेताओं से मुलाकात की, जो वर्तमान में जापान, चिली और सेनेगल जैसे एचआरसी के सदस्य हैं.

भारत में शुरू कर दी कूटनीतिक कोशिश
वहीं विदेश मंत्री जयशंकर भारत के पड़ोस में नेपाल और बांग्लादेश से शुरू होकर कई परिषद सदस्यों तक पहुंच चुके हैं. पिछले हफ्ते वो हंगरी और पोलैंड की यात्रा के दौरान, विसेग्रेद देशों में भी पहुंचे. इस साल काउंसिल में विसेग्रेड के चार में से तीन– चेक गणराज्य, स्लोवाकिया और हंगरी परिषद में हैं. द्विपक्षीय संबंधों के साथ, ब्रसेल्स में, जयशंकर ने यूरोपीय परिषद और आयोग दोनों के साथ कश्मीर पर अपना राजनयिक समझौता किया.

भारत में रखा अपना पक्ष
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UNHRC में, भारत का प्रयास PoK में विशेष रूप से गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के अपने मानव अधिकारों के उल्लंघन को इंगित करना होगा. भारत सीमा पार से होने वाले आतंक पर ध्यान केंद्रित करेगा और घाटी में मौजूदा हमलों का बचाव आतंकी हमलों के खिलाफ करेगा. पिछले कुछ दिनों में, भारत ने पाकिस्तान पर मानवाधिकारों के दबाव को भी कम कर दिया है, जिससे सिख लड़कियों की जबरन इस्लाम में धर्मांतरण की खबरें आ रही हैं.

पाकिस्तान ने लिखा संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त को खत
इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने ये मांग की और लिखा कि भारत कश्मीर में “एकतरफा कार्रवाइयों को रद्द करे, कर्फ्यू और अन्य कठोर उपायों को उठाए और कश्मीरी लोगों के मौलिक अधिकारों को बहाल करे.”

विदेश मंत्री का बयान
इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रसेल्स में एक साक्षात्कार में कहा कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधों को कम किया जाएगा. उन्होंने यह कहते हुए पाकिस्तान से बातचीत के सुझावों को भी ठुकरा दिया और कहां की कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म नहीं करेगा बातचीत संभव नहीं है.

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First published: September 2, 2019, 11:29 PM IST
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