आरोग्य सेतु विवाद: तहसीन पूनावाला ने लिखी CJI को चिट्ठी, कहा- कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के बजाए लोगों का डेटा कलेक्ट किया गया

(फोटो: इंस्टाग्राम)
(फोटो: इंस्टाग्राम)

आरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) को किसने और किस तरह से तैयार किया है, इस बात की जानकारी आईटी मिनिस्ट्री को नहीं है. तहसीन पूनावाला (Tehseen Poonawalla) ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट से ध्यान देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ऐप के जरिए लोगों की निजी जानकार ली गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 1:27 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना की रोकथाम के लिए तैयार किए गए 'आरोग्य सेतु' ऐप को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. इस ऐप को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबड़े (Chief Justice of India SA Bobde) को एक पत्र लिखा है. उन्होंने मांग की है कि सरकार आरोग्य सेतु ऐप के विवाद (Arogya Setu App controversy) पर संज्ञान लेने की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने अपने पत्र में सरकार पर लोगों की निजी जानकारी चुराने के आरोप भी लगाए.

बड़ा सवाल, किसने बनाई ऐप?
अपने पत्र में पूनावाला ने लिखा, 'नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (National Informatics Center (NIC)) ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि ऐप किसने बनाया और यह कैसे बनाया गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) और एनआईसी दोनों ने इस ऐप के बनाए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल का सूचना का अधिकार में भी जवाब देने से मना कर दिया है. अपने ट्वीट में उन्होंने बताया, 'मैंने माननीय सीजेआई को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट को आरोग्य सेतु ऐप के मामले में संज्ञान लेने और आईटी मंत्रालय को ऐप के जरिए कलेक्ट किए गए डेटा के संबंध में एफिडेविट जारी करने की मांग की है.'

ऐप के जरिए सरकार लोगों की जानकारी तक पहुंची
उन्होंने लिखा कि मार्च से ही आरोग्य सेतु ऐप कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) के नाम पर लोगों का बड़े स्तर पर डेटा कलेक्ट कर रही है. उन्होंने कहा कि चूंकि इस ऐप को जरूरी कर दिया था. ऐसे में यह ऐप 16.23 करोड़ लोगों का जानकारी कलेक्ट कर चुकी है. इन लोगों में डिफेंस, सरकार, जज और आम आदमी शामिल हैं.



अपने काम में सफल नहीं हो पाई आरोग्य सेतु
खास बात है कि सरकार ने इस ऐप को कोरोना वायरस (Corona virus) की रोकथाम के लिए डिजिटल तौर पर पेश किया था. अपने पत्र में तहसीन पूनावाला ने ऐप की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने लिखा कि आरोग्य सेतु ऐप कान्टेक्ट ट्रेसिंग के अपने मकसद में पूरी तरह फेल हुई है. 79 लाख से ज्यादा मामलों के साथ भारत दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमितों के मामले में दूसरा देश बन गया है. उन्होंने लिखा कि आरोग्य सेतु को जरूरी बनाने का कोई मतलब नहीं निकला. जबकि, इसने बड़े स्तर पर डेटा इकट्ठा कर लिया है.
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