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नौकरी ही नहीं अपना बेटा भी खो चुके हैं वाराणसी से चुनाव लड़ने वाले तेज बहादुर

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: April 30, 2019, 3:53 PM IST
नौकरी ही नहीं अपना बेटा भी खो चुके हैं वाराणसी से चुनाव लड़ने वाले तेज बहादुर
फाइल फोटो- तेज बहादुर यादव.

तेज बहादुर को आदेश न मानने, ड्यूटी के दौरान दो फोन रखने और सेना की वर्दी में अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने का दोषी पाया गया था.

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  • Last Updated: April 30, 2019, 3:53 PM IST
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सपा-बसपा महागठबंधन ने बीएसएफ के बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव को वाराणसी लोकसभा से अपना उम्मीदवार बनाया है. महागठबंधन के इस फैसले ने बेशक वाराणसी के चुनाव को रोचक बना दिया हो, लेकिन उनकी जिंदगी भी कम उठापटक वाली नहीं रही है. ये बीएसएफ के वही सिपाही हैं जिन्हें वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर आने के चलते बर्खास्त कर दिया गया था.

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तेज बहादुर ने बीएसएफ में खाने की गुणवत्ता को लेकर एक वीडियो बनाया था. वीडियो सोशल मीडिया खूब वायरल हुआ था. हालांकि नियमों का उल्लघंन करने के चलते तेज बहादुर को बाद में बर्खास्त भी कर दिया गया था. 2017 में तेज बहादुर को बीएसएफ की सेवा से मुक्त कर दिया गया था. तेज बहादुर को आदेश न मानने, ड्यूटी के दौरान दो फोन रखने और सेना की वर्दी में अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने का दोषी पाया गया था.

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इसके खिलाफ तेज बहादुर ने कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी. उनका मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था. मोदी सरकार के मंत्रियों को इस बारे में जवाब भी देना पड़ा था. लेकिन अभी तेज बहादुर ये लड़ाई लड़ ही रहे थे कि जनवरी 2018 में उनके 22 साल के बेटे रोहित की मौत हो गई. संदिग्ध हालत में रोहित का शव घर के एक कमरे में बंद मिला था.

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रोहित के शरीर पर गोली का निशान था. रोहित के घर वालों ने इसके पीछे साजिश की आशंका जताई थी. तेज बहादुर ने भी बेटे की मौत पर कहा था कि वो एक बहादुर का बेटा था. जब मैं बर्खास्त हुआ था तो तब वो परेशान नहीं हुआ. फिर अब क्यों वो सुसाइड करने लगा. सेना से रिटायर्ड और तेज बहादुर के करीबी रहे सूबेदार रिटायर्ड संजय कुंतल बताते हैं, “पिछले दो साल में तेज बहादुर ने बहुत परेशानियां देखी हैं. नौकरी जाने के बाद तेज बहादुर सिस्टम के खिलाफ लड़ते रहे. अभी वो सिस्टम से जूझ ही रहे थे कि उनको सबसे बड़ा सदमा अपने बेटे को खोने का लगा था. बावजूद इसके तेज कभी हारे नहीं. यही वजह है कि आज वो चुनाव मैदान में है.”

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First published: April 29, 2019, 4:50 PM IST
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