Assembly Banner 2021

तेलंगाना के 40 सब-स्टेशनों पर भी हुआ था चीनी हैकर्स का हमला

साइबर हमला. (सांकेतिक फोटो)

साइबर हमला. (सांकेतिक फोटो)

Telangana News: चीनी मालवेयर ने 40 सब-स्टेशनों पर हमला किया था, लेकिन हैकर्स की इस कोशिश को राज्य सरकार की एजेंसियों ने नाकाम कर दिया.

  • Share this:

नई दिल्ली. मुंबई में पिछले साल बड़े स्तर पर हुए पावर कट के लिए चीन के साइबर हमले को जिम्मेदार मानने से इनकार करने के बाद तेलंगाना विद्युत विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी से 40 सब-स्टेशनों में चाइनीज मालवेयर के हमला करने के बारे में अलर्ट भेजा गया था.


सोमवार देश शाम इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (सीइआरटी-इन) के एक विश्वसनीय सूत्र के हवाले से बताया कि चीन के एक्टर ग्रुप ने तेलंगाना एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) से जुड़े सिस्टम से कम्यूनिकेट करने की कोशिश की थी, जिसके बाद तेलंगाना पावर को सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाने को कहा गया. एसएलडीसी का काम राज्य में विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखना है.


द टाइम्स ऑफ इंडिया वेबसाइट में प्रकाशित खबर के मुताबिक चीनी मालवेयर ने 40 सब-स्टेशनों पर हमला किया था, लेकिन हैकर्स की इस कोशिश को राज्य सरकार की एजेंसियों ने नाकाम कर दिया. तेलंगाना ट्रांसको और जेनको के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डी प्रभाकर राव ने मंगलवार को टीओआई को बताया, 'सेंट्रल अथॉरिटी से अलर्ट मिलने के बाद हमने एसएलडीसी के 40 सब-स्टेशनों में से मालवेयर को हटा दिया और फायरवॉल (हैकर्स से सुरक्षा की तकनीक) को मजबूत कर दिया.'


गौरतलब है कि अमेरिका की एक कंपनी ने अपने हालिया अध्ययन में दावा किया है कि भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव के दौरान चीन सरकार से जुड़े हैकरों के एक समूह ने ‘मालवेयर’ के जरिए भारत के पावरग्रिड सिस्टम को निशाना बनाया. आशंका है कि पिछले साल मुंबई में बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति ठप होने के पीछे शायद यही मुख्य कारण था.


अमेरिका में मैसाचुसेट्स की कंपनी ‘रिकॉर्डेड फ्यूचर’ ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चीन के समूह ‘रेड इको’ द्वारा भारतीय ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाए जाने का जिक्र किया है. पिछले साल 12 अक्टूबर को मुंबई में एक ग्रिड ठप होने से बिजली गुल हो गयी थी. इससे ट्रेनें भी रास्तें में ही रुक गई और महामारी के कारण घर से काम रहे लोगों का कार्य भी प्रभावित हुआ और आर्थिक गतिविधियों पर भारी असर पड़ा था.






आवश्यक सेवाओं के लिए बिजली आपूर्ति बहाल में दो घंटे लग गए थे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घटना की जांच का आदेश दिया था. ‘रिकॉर्डेड फ्यूचर’ ने ऑनलाइन सेंधमारी संबंधित रिपोर्ट के प्रकाशन के पूर्व भारत सरकार के संबंधित विभागों को इस बारे में अवगत कराया है. ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी एक खबर में कहा कि इस खुलासे से सवाल उठा है कि मुंबई में बिजली गुल के पीछे कहीं बीजिंग यह संदेश तो नहीं देना चाहता था कि अगर भारत ने सीमा पर आक्रामक व्यवहार जारी रखा तो क्या हो सकता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज