तेलंगाना चुनाव को लेकर ज्योतिषीय भविष्यवाणी को मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया खारिज

मुख्य चुनाव आयुक्त ने 2002 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ही एक सदन भंग हो जाता है, वहां जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए ताकि कार्यवाहक सरकार अनावाश्यक लाभ न उठा सके.

News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 9:25 PM IST
तेलंगाना चुनाव को लेकर ज्योतिषीय भविष्यवाणी को मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया खारिज
ओपी रावत (File Photo)
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Updated: September 7, 2018, 9:25 PM IST
तेलंगाना विधानसभा के भंग होने के एक दिन बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने तारीखों को लेकर ज्योतिषीय भविष्यवाणी को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग इस बात का आंकलन करेगा कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ हो सकते हैं या नहीं.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रावत ने कहा कि चुनाव आयोग सबसे पहले तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तैयारियों के बारे में पता करेगी, उसके बाद फैसला किया जाएगा कि राज्य में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के साथ चुनाव हो सकते हैं या नहीं.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने 2002 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ही एक सदन भंग हो जाता है, वहां जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए ताकि कार्यवाहक सरकार अनावाश्यक लाभ न उठा सके. उन्होंने कहा कि तेलंगाना चुनाव पर फैसला करते वक्त इस फैसले को ध्यान में रखा जाएगा.

ओपी रावत ने आगे कहा, "मीडिया के एक वर्ग में एक व्यक्ति द्वारा चुनाव की तारीखों की भविष्यवाणी की जा रही है. यह आयोग को स्वीकार्य नहीं है.”

बता दें कि गुरुवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अपनी सरकार के कार्यकाल खत्म होने से पहले विधानसभा भंग करने घोषणा की. उम्मीद जताई जा रही है कि तेलंगाना चुनाव भी चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ हो सकते हैं.

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