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KCR की नाक की लड़ाई बना निजामाबाद, बेटी के लिए विरोधियों से मांगा समर्थन

के चंद्रशेखर राव

के चंद्रशेखर राव

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने टीडीपी के कद्दावर नेता मंडवा वेंकटेश्वर राव के घर जाकर बेटी कविता के लिए समर्थन मांगा त ...अधिक पढ़ें

    (संजय तिवारी)

    निजामाबाद लोकसभा सीट से बेटी कविता को चुनाव जितवाने की चुनौती आखिरकार मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को खुद संभालनी पड़ गई. हल्दी और लाल ज्वार उत्पादक किसानों की नाराजगी से बिगड़ते हालात का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को केसीआर खुद निजामाबाद के टीडीपी के कद्दावर नेता मंडवा वेंकटेश्वर राव के घर गए और उनसे कविता के पक्ष में समर्थन मांगा. मंडवा की गिनती तेलंगाना में टीडीपी के टॉप 5 नेताओं में की जाती है. मंडवा ने टीआरएस में शामिल होने और कविता का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है.

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    चुनाव आयोग से लेकर सीएम केसीआर तक के लिए निजामाबाद लोकसभा सीट रणभूमि की शक्ल ले चुकी है. इस सीट पर 185 उम्मीदवारों में से 179 किसान हैं, जो मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी कविता से नाराज हैं. कविता निजामाबाद से सांसद हैं और 2019 लोकसभा चुनाव में टीआरएस की उम्मीदवार हैं. कविता के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हल्दी उत्पादक किसान रघुपति रेड्डी निजामाबाद के अर्गुल गांव के रहने वाले हैं. रघुपति रेड्डी सवाल करते हैं कि-

    News18 Hindiकिसान को एक क्विंटल हल्दी बेचने पर 200-300 रुपये बचना चाहिए या नहीं? लेकिन हमें इतनी बचत भी नहीं हो रही. कभी कभी लागत से कम पर भी हल्दी बेचना पड़ती है. ऐसे में हम कैसे जिएं? हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की थी, सड़कों पर उतरे थे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी इसलिए हमने चुनाव लड़ने का फैसला किया है.


    निजामाबाद में किसान हल्दी और लाल ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं. किसानों के मुताबिक एक क्विंटल हल्दी के उत्पादन में 5 हजार रुपये का औसत खर्च आता है. हल्दी का बाजार भाव 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहता है. यानी किसान के हाथ कुछ नहीं आता. किसानों का कहना है कि सरकार हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 15 हजार रुपये क्विंटल निर्धारित करे.

    इसके अलावा किसान चाहते हैं कि लाल ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाना चाहिए. दोनों का ही न्यूनतम समर्थन मूल्य अब तक सरकार ने निर्धारित नहीं किया है. अकेले निजामाबाद में 80 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर किसान हल्दी और लाल ज्वार की खेती करते हैं. पिछले साल तेलंगाना सरकार ने 2300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लाल ज्वार खरीदी थी, लेकिन इस साल किसान असमंजस में हैं कि सरकार लाल ज्वार खरीदेगी या नहीं.

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    सीएम केसीआर के बेटी और सांसद के कविता.


    किसानों की नाराजगी ने कविता के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं. वो गांव-गांव जाकर किसानों को समझाने की कोशिश कर रही हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने और हल्दी बोर्ड बनाने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से कई बार मांग की, लोकसभा में मुद्दा उठाया, लेकिन न तो केंद्र सरकार ने ध्यान नहीं और न ही कांग्रेस ने साथ दिया. कविता का कहना है कि-

    News18 Hindiइतनी ज्यादा संख्या में किसान चुनाव लड़कर राष्ट्रीय पार्टियों के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं. वो इस राष्ट्रीय मुद्दा बनाना चाहते हैं. हम इस मामले का पूर्ण समाधान चाहते हैं.


    लेकिन बात इतनी भर नहीं है. बीजेपी उम्मीदवार अरविंद धर्मपुरी और कांग्रेस उम्मीदवार मधु यास्की गौड़ किसानों के तकलीफों में चुनावी फायदा ढूंढ रहे हैं. मधु यास्की गौड़ ने वादा किया है कि वो हल्दी का 10 हजार रुपये और लाल ज्वार का 3 हजार रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलवाएंगे. बीजेपी उम्मीदवार अरविंद के समर्थन में निजामाबाद आए वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने हल्दी बोर्ड बनाने का वादा किया है. लेकिन टीआरएस शायद अलग रणनीति पर काम कर रही है. किसान रघुपति रेड्डी के मुताबिक-

    News18 Hindiटीआरएस के लोग लालच देते घूम रहे हैं. वो कहते हैं कि ट्रैक्टर खरीदने के लिए सब्सिडी दिलाएंगे, बच्चे का अच्छे स्कूल में दाखिला करवाएंगे और बच्चा बड़ा हो गया तो नौकरी दिलवाएंगे. सब झूठ बोल रहे हैं. हम लोग उनके झांसे में फंसने वाले नहीं हैं.


    विधानसभा और पंचायत चुनाव में टीआरएस का प्रदर्शन बेहतरीन रहा था. निजामाबाद लोकसभा में आने वाली सभी 7 विधानसभा सीट टीआरएस जीती थी. केसीआर ने अब विधायकों और सरपंचों को जिम्मेदारी दी है कि वो कविता को किसी भी तरह लोकसभा चुनाव जितवाएं. निजामाबाद के गांवों में पंचायतों से भी ज्यादा मजबूत गैर सरकारी संगठन- ग्राम विकास समिति है. निजामाबाद के तकरीबन हर गांव में एक ग्राम विकास समिति है, जिसमें सभी जाति और समाज के लोग होते हैं.

    लेकिन बीजेपी नेता गोपाल राव के मुताबिक- ‘ग्राम विकास समिति के कहने पर किसानों की नाराजगी शांत होने वाली नहीं. क्या ग्राम विकास समिति किसान के घर का खर्च उठाएगी? किसान को सिर्फ अपनी फसल का सही मूल्य चाहिए.’

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    Tags: Farmer Agitation, K Chandrashekhar Rao, Lok Sabha Election 2019, Nizamabad S29p04, Telangana Lok Sabha Elections 2019

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