कोरोना संक्रमित डॉक्टर का आरोप: नहीं चुका सकी 1 लाख से ज्यादा का बिल तो अस्पताल ने बनाया बंधक

महिला डॉक्टर ने 1 जुलाई को खुद को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था (सांकेतिक फोटो)
महिला डॉक्टर ने 1 जुलाई को खुद को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था (सांकेतिक फोटो)

महिला डॉक्टर (Woman Doctor) ने एक सेल्फी वीडियो (Selfie Video) में बताया कि 1 जुलाई को आधी रात में सांस लेने में समस्या होने के बाद उन्होंने खुद को एक प्राइवेट अस्पताल (Private Hospital) में भर्ती कराया था.

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हैदराबाद. एक महिला डॉक्टर (Women Doctor), जिसे कोविड-19 पॉजिटिव (Covid-19 Positive) पाया गया था, उसने आरोप लगाया है कि उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल (Private Hospital) के मैनेजमेंट ने मेडिकल बिल का भुगतान न करने के लिए बंधक बनाकर रखा है. वायरल हो रहे एक सेल्फी वीडियो (Selfie Video) में, सरकारी अस्पताल फीवर हॉस्पिटल की सिविल असिस्टेंट सर्जन को कथित तौर पर एक प्राइवेट हॉस्पिटल पर एक दिन के इलाज के लिए 1.15 लाख रुपये का मेडिकल बिल (Medical Bill) बनाकर अधिक चार्ज करने का आरोप लगाते हुए देखा जा सकता है.

इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि उन्हें सही तरह से दवाएं नहीं दी गईं और उन्हें डिस्चार्ज (Discharge) नहीं किया जा रहा है. वीडियो में, डॉक्टर कहती हैं- टेस्टिंग में कोरोना वायरस (Coronoavirus) पॉजिटिव पाये जाने के बाद, वे घर पर ही अपना इलाज कर रही थीं और होम क्वारंटाइन (Home Quarantine) में थीं. 1 जुलाई को आधी रात में, उन्हें सांस लेने में समस्या हुई और उन्होंने खुद को एक प्राइवेट अस्पताल (Private Hospital) में भर्ती कराया.

'मैंने 40 हजार का भुगतान किया, फिर भी अस्पताल ने बनाया बंधक'
महिला ने वीडियो में दावा किया, मैं एक कोविड-19 वॉरियर हूं. एक दिन के लिए, उन्होंने मुझसे 1.15 लाख रुपये मांगे. मैं इतने का भुगतान नहीं कर सकती. मैं डायबिटिक हूं और मुझे सही तरह से यहां पर दवाईयां नहीं दी जा रही हैं. वे बिना किसी आधार के आरोप लगा रहे हैं. मैं मुसीबत में हूं. मैंने 40 हजार रुपये का भुगतान किया है लेकिन उन्होंने मुझे बंधक बना लिया है."
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने इस घटना के आधार पर प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है. हालांकि यह साफ नहीं है कि क्या महिला ने यह सेल्फी वीडियो प्राइवेट अस्पताल में ही शूट किया है. हालांकि वहीं अस्पताल ने इन आरोपों को खारिज किया है.



हॉस्पिटल से मिली जानकारी, डिस्चार्ज हो चुकी हैं डॉक्टर
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए फीवर हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ के शंकर ने कहा कि महिला डॉक्टर को चार दिन पहले कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया था और उन्हें घर में ही क्वारंटाइन किया गया था. उन्होंने कहा कि स्थानीय चैनलों पर वीडियो के प्रसारित होने के बाद ही उन्हें प्राइवेट अस्पताल से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी हो सकी. जिसके बाद उन्होंने रेजिडेंट मेडिकल अफसर से प्राइवेट अस्पताल का दौरा कर पेमेंट के मामले को निपटाने और डॉक्टर को डिस्चार्ज कराने को कहा.

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वहीं हॉस्पिटल पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टर को पहले ही डिस्चार्ज किया जा चुका है और वे अब होम आइसोलेशन पर हैं. अब उनकी हालत स्थिर है. अधीक्षक ने बताया, "वे फीवर हॉस्पिटल में ऑउटपेशेंट जनरल ड्यूटी पर थीं और उन्हें कोविड-19 का संक्रमण हॉस्पिटल में नहीं हुआ था."
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