तेलंगाना के डॉक्टरों ने किया कमाल, पहली बार कोविड-19 रोगी का दोहरा लंग ट्रांसप्लांट किया

तेलंगाना के डॉक्टरों ने किया कमाल, पहली बार कोविड-19 रोगी का दोहरा लंग ट्रांसप्लांट किया
कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक फेफड़ा प्रत्यारोपण किया. (सांकेतिक फोटो)

हैदराबाद (Hyderabad) के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हॉस्पीटल ने कोविड-19 (COVID-19) मरीज के फेफड़ा प्रत्यारोपण (Lung transplant) का दावा किया है. हॉस्पीटल के अधिकारियों के अनुसार मरीज को स्वस्थ होने के बाद छुट्‌टी दे दी गई है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 12, 2020, 2:18 PM IST
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हैदराबाद. हैदराबाद के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने 32 साल के एक कोविड-19 रोगी का देश में पहली बार दोहरा लंग ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक करने का दावा किया है. रोगी सारकॉइडोसिस से पीड़ित था. जिसमें उसके फेफड़े खराब हो रहे थे.

कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (केआईएमएस) की प्रेस रिलीज में बताया गया कि, डॉ संदीप अत्तावर के नेतृत्व में डॉक्टरों के एक दल ने चंडीगढ़ के रोगी की जटिल सर्जरी की. स्वस्थ होने के बाद रोगी को शुक्रवार को छुट्टी दे दी गयी.

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कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के अधिकारियों के अनुसार रोगी सारकॉइडोसिस से पीड़ित था. जिससे उसके फेफड़े कोरोना संक्रमण के बाद खराब हो रहे थे. उसकी हालत तेजी से बिगड़ रही थी और दोनों फेफड़े बदलना ही एकमात्र विकल्प बचा था. ऐसे में कोलकत्ता में एक डोनर का ब्रेन डेड होने के बाद, उसके फेफड़े का प्रत्यारोपण कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, हैदराबाद में भर्ती मरीज में किया गया.
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आपको बता दें फेफड़ों का प्रत्यारोपण देश के चुनिंदा अस्पतालों में होता है. निजी अस्पतालों में इसके प्रत्यारोपण की कीमत करीब 50 लाख रुपये तक है. चूंकि प्रत्यारोपण के बाद भी मरीज को जीवन पर्यंत दवाएं लेनी होती है, जिसका खर्च प्रति माह करीब 10 हजार रुपये आता है. अभी तक देश में सर्वाधिक फेफड़ा प्रत्यारोपण तमिलनाडु के अस्पतालों किया जाता था. जबकि कुछ समय पहले दिल्ली एम्स को फेफड़ा प्रत्यारोपण करने का लाइसेंस मिला है. दूसरी और पीजीआई, चंडीगढ़ में एक मरीज का प्रत्यारोपण कुछ साल पहले किया गया था.
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