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Telangana Exit Poll Results 2019: TRS सब पर भारी, कांग्रेस-बीजेपी बहुत पीछे

के. चंद्रशेखर राव

के. चंद्रशेखर राव

Telangana Exit Poll/Opinion Polls Results 2019: तेलंगाना के एग्जिट पोल के नतीजे बस थोड़ी देर में आने वाले हैं. तेलंगाना ...अधिक पढ़ें

    Lok Sabha Exit Poll Results 2019: पूर्ण राज्य बनने के बाद पहली बार लोकसभा चुनाव 2019 का साक्षी बन रहे तेलंगाना की 17 सीटों के एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं. तेलंगाना में सत्ताधारी तेलंगाना राज्यम समिति सबसे ज्यादा सीटें हासिल करती दिखाई दे रही है. केसीआर की अगुवाई वाली टीआरएस को 12 से 14 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं. वहीं बीजेपी और कांग्रेस एक से दो के बीच रह सकते हैं. एमआईएम एक सीट पर जीतती दिखाई दे रही है.

    क्या है तेलंगाना का गणित

    भारत के 29वें राज्य तेलंगाना का गठन 2 जून 2014 को हुआ. इसे भारत के राज्य आंध्र प्रदेश से अलग किया गया. जबकि भारत के 16वें लोकसभा चुनाव मई 2014 में ही संपन्न हो गए थे. इसलिए तेलंगाना में लोकसभा चुनाव 2019, पहली बार होने वाले आम चुनाव हैं. यहां कुल 17 लोकसभा सीटें हैं. इन 17 की 17 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने दावेदारी ठोंकी है. जबकि तेलंगाना की प्रदेश सरकार चलाने वाली पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा है. टीआरएस ने हैदराबाद लोकसभा सीट को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के लिए छोड़ा है.

    इस प्रदेश की खास बात ये है कि भले ही यह प्रदेश का पहला लोकसभा चुनाव हो, लेकिन पहले ही चुनाव में इस दक्षिण भारतीय राज्य से पीएम पद की दावेदारी के लिए टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव का नाम सामने आ रहा है. यहां पिछले साल हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2018 में टीआरएस ने कांग्रेस व टीडीपी के महागठबंधन और बीजेपी का सूपड़ा साफ कर दिया था. विधानसभा चुनाव 2018 में यहां कुल 119 सीटों में टीआरएस को 88, कांग्रेस को 19, एआईएमआईएम को सात, टीडीपी को दो और बीजेपी को एक सीट मिली थी.

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    ये हैं तेलंगाना की 'हॉट सीट' और बड़े चेहरे

    तेलंगाना की सबसे हॉट सीटों में हैदराबाद, चेवेल्ला और सिकंदराबाद हैं. हैदाराबाद की सीट को टीआरएस ने असदुद्दीन ओवैसी के लिए छोड़कर इस सीट की लड़ाई को एकदम रोचक कर दिया है. ओवैसी ने ये सीट 2014 के चुनाव में जीती थी. इस बार उनको बीजेपी के डॉ. भगवंत राव और कांग्रेस के फिरोज खान से टक्कर मिलेगी.

    इसके अलावा चेवेल्ला सीट पर भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता जनार्दन रेड्डी ने ताल ठोंकी है. यह सीट फिलहाल टीआरएस के पास है, लेकिन इस सीट पर कोंडा विरेश्वर रेड्डी की टिकट काटकर जी रंतीज रेड्डी को खड़ा किया है. तेलंगाना की सिकंदराबाद इकलौती सीट है

    तेलंगाना में इन मुद्दों पर लड़ा गया लोकसभा चुनाव 2019

    तेलंगाना में आम चुनाव 2019 का मुख्य मुद्दा विकास रहा. तीनों प्रमुख पार्टियां टीआरएस, कांग्रेस और बीजेपी ने विकास के मुद्दों पर ही चुनाव लड़ा है. तीनों विकास के लिए अलग-अलग मुद्दे गिनाए हैं. टीआरएस ने कहा, "हमारे पास ज्यादा नंबर होंगे तो केंद्र से बजट लेने में आसानी होगी. अगर केंद्र में हमारी भूमिका बढ़ी तो राज्य के विकास के लिए अधिक बजट मिल सकता है."

    इसी तरह कांग्रेस ने पहले तो केसीआर पर हमले साधे. कांग्रेस ने कई रैलियों में केसीआर को अहंकारी बताया. उनका कहना है केसीआर किसी से मिलते-जुलते नहीं है. कांग्रेस ने ऐसा भी प्रचार किया कि केंद्र में यूपीए नीत ही सरकार बनेगी. ऐसे में तेलंगाना के विकास के लिए कांग्रेस को चुनना चाहिए. जबकि बीजेपी ने एक मजबूत सरकार बनाने के लिए तेलंगाना के लोगों से सहयोग की अपील की. वहीं एक सीट पर चुनाव लड़ रही एमआईएम ने लोगों से फिर से जीत दिलाने की अपील की है.

    तेलंगाना में पहले चरण में ही 11 अप्रैल को वोट डाल दिए गए थे. यहां कुल 62.69 फीसदी वोट डाले गए थे. साल 2011 के जनगणना के अनुसार यहां सबसे ज्यादा पिछड़ी जाति के लोग रहते हैं. यहां कुल आबादी 3,51,93,978 का 40 फीसदी हिस्सा पिछड़ी जाति के लोगों का है. जबकि दूसरे नंबर पर अनुसूचित जातियां आती हैं. इसकी कुल जनसंख्या 20 फीसदी, अनुसूचित जनजाति 10 और अल्पसंख्यक 12 फीसदी लोग हैं. जबकि सामान्य श्रेणी के 18 फीसदी लोग यहां रहते हैं.

    कैसा है तेलंगाना का परिसीमन

    तेलंगाना पहले आंध्र प्रदेश का एक संभाग हुआ करता था. बाद में जब यह राज्य बन गया तो इसके अंदर अभी संभाग नहीं बनाए गए हैं. तेलंगाना में कुल 33 जिले हैं जिनमें 17 लोकसभा आती हैं. जबकि विधानसभा सीटें 119 हैं. ऐसे में एक लोकसभा क्षेत्र में करीब सात विधानसभाएं आती हैं. पिछले चुनाव में टीआरएस ने पहले 88 लेकिन तीन उपचुनाव में तीनों जीतकर अब 91 सीटों पर उसके विधायक हैं. इसलिए ज्यादातर क्षेत्रों में टीआरएस की जबर्दस्त पकड़ है.

    तेलंगाना में किसने लगाया कितना जोर

    तेलंगाना में आम चुनाव 2019 को केसीआर के बेटे केटीआर यानी के तारक राव के प्रचारों के लिए जाना जाएगा. उन्होंने करीब 17 के 17 लोकसभा में धुआंधार रैलियां और रोडशो किए हैं. उन्होंने हैदाराबाद में भी चुनाव प्रचार किया है जबकि वहां उनका उम्मीदवार मैदान में नहीं है. इस सीट को केसीआर ने ओवैसी के लिए छोड़ दी है. केसीआर के अलावा बीजेपी के लक्ष्मण व किसन रेड्डी ने भी जोर लगाया था. इसी तरह कांग्रेस के रेवंत रेड्डी और उत्तम रेड्डी ने भी जमकर चुनाव प्रचार किया है.

    Tags: BJP, Congress, Exit Polls 2019, K Chandrashekhar Rao, Lok Sabha Election 2019, Telangana Lok Sabha Elections 2019, TRS, YSR congress

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