तेलंगाना में सरकारी कर्मचारी अब 61 वर्ष में रिटायर होंगे, वेतन में भी 30% बढ़ोतरी का ऐलान

तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव. (पीटीआई फाइल फोटो)

तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव. (पीटीआई फाइल फोटो)

Telangana News: सरकार ने रिटायर हो चुके सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को 15% अतिरिक्त पेंशन के लिए आयु सीमा को 75 से घटाकर 70 कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 7:45 PM IST
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पीवी रमना/हैदराबाद: अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य में सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने की उम्र बढ़ाकर 61 वर्ष करने की घोषणा की और कहा कि यह तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा. इसके अलावा कर्मचारीयों के वेतन में 30% वृद्धि की घोषणा भी की गई है.

सोमवार को राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य के कर्मचारी, शिक्षकों ने तेलंगाना राज्य के गठन में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की और अब अपने राज्य के विकास में उसी प्रतिबद्धता से अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं. उनके सहयोग से, कल्याणकारी योजनाओं और विकास का लाभ लोगों तक सफलतापूर्वक पहुंच रहा है. उनकी सेवाओं को स्वीकार करते हुए सरकार ने कर्मचारियों के लिए विशेष वेतन वृद्धि की घोषणा की है."

राव ने याद दिलाया कि 2014 में 10वें वेतन आयोग के तहत तेलंगाना सरकार ने सर्वाधिक 43% वेतन वृद्धि की घोषणा की थी और यह दिखाया था कि सरकार अपने कर्मचारियों को कितना चाहती है. केसीआर ने कहा, “कोरोना महामारी ने राज्य की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी. राज्य में अप्रत्याशित वित्तीय घाटे के कारण, राज्य में 11वें वेतनमान के संशोधन में देरी हुई. वर्तमान स्थिति में जबकि अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है, हम 11वें वेतनमान में बेहतर संशोधन कर रहे हैं और यह राज्य के सभी कर्मचारियों और शिक्षकों पर लागू होगा.”

उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों, शिक्षकों और वेतनभोगियों के वेतनमान में संशोधन के साथ ही राज्य सरकार ने ठेके पर रखे जानेवाले कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, होमगार्ड्स, आंगनबाड़ी, आशा कर्मचारियों, एसईआरपी कर्मचारियों, विद्या स्वयंसेवकों, सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों, वीआरए, वीएओ, स्थानीय संस्थाओं के अनुदान प्राप्त करनेवालों, दिहाड़ी और अन्य कर्मचारियों जैसे, सरकारी मशीनरी में शामिल कुल 9,17,797 कर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि की गई है.
मुख्यमंत्री की घोषणा के मुख्य बिंदु



-कर्मचारियों, राज्य के शिक्षक संगठनों के साथ बातचीत के बाद राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आग्रह के आधार पर उन्हें पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू की है. अभी तक कर्मचारियों को पदोन्नति देने की प्रक्रिया का 80% कार्य पूरा हो गया है. सरकार शेष योग्य कर्मचारियों और योग्य शिक्षकों के पदोन्नति का काम भी शीघ्र शुरू करेगी. इस प्रक्रिया के पूरा हो जाने के बाद, राज्य के 100% कर्मचारियों को पदोन्नति मिल जाएगी. इस पदोन्नति के कारण खाली हुए पदों पर सरकार शीघ्र ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगी.



- सरकार ने कर्मचारी संगठनों और सरकारी अधिकारियों जैसे साझीदारों को मिलाकर एक संचालन समिति का गठन किया है ताकि कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (ईएचएस) के बारे में पीआरसी समिति के सुझावों के अनुरूप इसकी नई प्रक्रिया निर्धारित की जा सके.

- सरकार ने रिटायर हो चुके सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को 15% अतिरिक्त पेंशन के लिए आयु सीमा को 75 से घटाकर 70 कर दिया है.

- विभाजन से पहले के ज़िलों में वरिष्ठता क्रम और प्रबंधन के आधार पर सरकार ने योग्य शिक्षकों के पदोन्नति और उनके ट्रांसफर के बारे में फ़ैसला लिया है.

- राज्य के प्राथमिक स्कूलों के हेडमास्टरों की संख्या को 10 हज़ार तक बढ़ाने के लिए सरकार ने अतिरिक्त हेडमास्टरों के पद बनाए हैं जो कि स्कूल सहायक के पद के बराबर होंगे.

- ऐसे कर्मचारी और शिक्षक पति-पत्नी जो कि अलग-अलग ज़िलों में काम कर रहे हैं, उनके लिए सरकार शीघ्र ही अंतरजिला ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि दोनों एक ही ज़िले में काम कर सकें.

- आंध्र प्रदेश के ऐसे शिक्षक जो कि तेलंगाना में काम कर रहे हैं उन्हें अपने गृह राज्य में लौटने की इजाज़त होगी. इसके लिए राज्य सरकार शीघ्र ही आदेश जारी करेगी.

- केजीबीवी की महिला कर्मचारियों को वेतन सहित 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा.

- अंशदायी पेंशन योजना (सीपीएस) कर्मचारियों, जिनकी मौत ड्यूटी पर रहते हुए हुई, उनके परिवार के सदस्यों को फ़ैमिली पेंशन के तहत लाया जाएगा.

- कोरोना के कारण राज्य में लोगों की आय में कमी आयी और इस वजह से राज्य को भारी वित्तीय कमी से जूझना पड़ा, हालांकि, राज्य भारी वित्तीय संकट में है, पर उसने अपने कर्मचारियों को पीआरसी से संबंधित 12 महीने के बकाए राशि का भुगतान करने का फ़ैसला किया है क्योंकि सरकार को उनकी विशेष चिंता है. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह बकाया राशि उन्हें रिटायरमेंट लाभ के साथ मिले.

- कर्मचारियों और शिक्षकों के रिटायरमेंट ग्रेच्युटी को ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹16 लाख कर दिया गया है.
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