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गृह मंत्रालय ने रद्द की थी तेलंगाना विधायक की नागरिकता, हाईकोर्ट ने दी 4 हफ्ते की राहत

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Updated: November 22, 2019, 4:42 PM IST
गृह मंत्रालय ने रद्द की थी तेलंगाना विधायक की नागरिकता, हाईकोर्ट ने दी 4 हफ्ते की राहत
पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में रमेश चेन्नामनेनी दूसरी बार विधायक चुने गए थे.

रमेश चेन्नामनेनी (Ramesh Chennamaneni) ने हाईकोर्ट (Telangana High Court) का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने गृहमंत्रालय के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए अपनी याचिका के निराकरण से संबंधित कार्यवाही स्थगित करने की मांग की थी. हाईकोर्ट के जस्टिस सीके राम ने विधायक रमेश चेन्नामनेनी को राहत देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 16 दिसंबर तय की है.

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  • Last Updated: November 22, 2019, 4:42 PM IST
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हैदराबाद. केंद्रीय गृह मंत्रालय (home ministry) द्वारा नागरिकता रद्द किए जाने से परेशानी में फंसे तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के एमएलए रमेश चेन्नामनेनी (Ramesh Chennamaneni) को तेलंगाना हाईकोर्ट ने चार हफ्ते की राहत दी है. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने गलत जानकारी देने के कारण उनकी नागरिकता रद्द कर दी थी. इसके बाद उन्होंने गुरुवार को हाईकोर्ट (Telangana High Court) का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने गृहमंत्रालय के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए अपनी याचिका के निराकरण से संबंधित कार्यवाही स्थगित करने की मांग की थी. हाईकोर्ट के जस्टिस सीके राम ने विधायक को राहत देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 16 दिसंबर तय की है. रमेश तेलंगाना की वेमुलावाडा विधानसभा से पिछले साल विधानसभा चुनाव में दोबारा चुने गए थे.

चेन्नामनेनी ने अपनी विदेश यात्राओं को लेकर झूठे तथ्य पेश किए थे, जिसके कारण गृहमंत्रालय ने उनकी नागरिकता रद्द कर दी थी. यह जानकारी पिछले 12 महीनों में की गई उनकी विदेश यात्राओं से जुड़ी थी जो उन्होंने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए अपने आवेदन से तुरंत पहले की थीं. उनकी गलत बयानी और तथ्यों को छिपाने के चलते भारत सरकार के लिए शुरूआत में अपना निर्णय लेने में असमंजस का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया था कि वह आवेदन करने से पहले एक साल तक भारत में नहीं रहे हैं.

अपने आदेश में गृहमंत्रालय ने ये कहा
गृह मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि अगर उन्होंने इस बात का खुलासा किया होता कि आवेदन करने से पहले वह एक साल तक भारत में नहीं रहे थे, तो मंत्रालय में सक्षम अधिकारी उन्हें नागरिकता नहीं देते. उन्होंने कहा कि अधिकारियों का मानना है कि संतुष्ट है कि यह जनता के लिए अनुकूल नहीं है कि चेन्नामनेनी भारत का नागरिक बने रहें" और इसलिए उन्होंने फैसला किया कि उनकी नागरिकता रद्द कर दी जाए.  टीआरएस नेता की नागरिकता 2017 में रद्द कर दी गई थी क्योंकि एक भाजपा नेता ने दावा किया था कि वह जर्मन नागरिक था.

रमेश चेन्नामनेनी के वकील वाई रामाराव ने कहा, नागरिकता संबंधी ऐसा नियम तभी आता है जब, जब व्यक्ति का व्यवहार "जनता के अच्छे के लिए अनुकूल नहीं होता है." इधर के कोर्ट के आदेश पर विधायक रमेश ने खुशी जताते हुए कहा कि वह इस आदेश से संतुष्ट हैं.

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First published: November 22, 2019, 4:42 PM IST
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